रायपुर/दिल्ली : छत्तीसगढ़ में राम से बड़ा ”अडानी” का नाम जैसे हालात बनने से राम वन गमन पथ पर संकट मंडराने लगा है | भारत सरकार ने राम वन गमन पथ को विकसित करने के लिए करोडो रुपए फूंक दिए| इस मार्ग पर पौराणिक और ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने की मुहीम छेड़ी गई| इस कड़ी में भगवान राम के पद चिन्हों को यादगार बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए,मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई और विकास के कार्यों को नई गति प्रदान की| लेकिन,बीजेपी के सत्ता में आते ही,राम वन गमन पथ के अस्तित्व को लेकर नई खींचतान सामने आई है | हसदेव-अरण्य के पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक इन दिनों “अडानी का डंका” बज रहा है|कोयला निकालने की होड़ में राम वन गमन मार्ग अब जंग का मैदान बन गया है| एक ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार की हथियारबंद पुलिस है,तो दूसरी ओर इलाके की निहत्थी आदिम जनजातियां,ये समुदाय अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है| हसदेव में नए कोल ब्लॉक की अनुमति की खबर से पूरे पहाड़ी इलाके में हड़कंप है| खबर है,कि एक सरकारी अनुमति ने हज़ारों साल पुरानी भगवान राम और माता सीता की निशानियों को खतरे में डाल दिया है। जानकारी के मुताबिक,राज्य की बीजेपी सरकार की अनुमति वाली केते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल माइनिंग और पिट हेड कोल वॉशरी परियोजना पर केंद्र सरकार ने अ?
राम गमन मार्ग पर ”राम-रावण”,युद्ध जैसे हालात,चलेगा अडानी का बुलडोजर ? जानकी रसोई समेत कई पौराणिक स्थानों के अस्तित्व पर खतरा…
By worldprime
On: जून 8, 2026 6:57 अपराह्न
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