CG Electricity Rate Hike: छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर राज्य सरकार विरोध किया।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने बिजली दरों में वृद्धि कर आम जनता, व्यापारियों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। पार्टी ने बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।![]()
सभी जिलों में प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला, शहर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारी, विधायक, पूर्व विधायक, सांसद प्रत्याशी, मोर्चा संगठनों तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि आंदोलन में शामिल हुए ।
आंदोलन के दूसरे चरण में 18 जून को जिला स्तर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी। इसमें बिजली दर वृद्धि के मुद्दे पर कांग्रेस अपना पक्ष रखेगी।
जनता और किसानों पर बढ़ेगा बोझ- कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे कारोबारियों और किसानों पर पड़ेगा। पार्टी ने इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए राज्य सरकार पर आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने का आरोप लगाया है।
वहीं, बिलासपुर के कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा की यह सरकार उद्योगपतियों की सरकार है। उन्हें सब्सिडी और छूट दिया जाता है। सरकार आम जनता को लूट रही है। सदन मे भी इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया जाएगा।
जानिए कितनी बढ़ी हैं बिजली दरें
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी होगी। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है।
कृषि पंपों की बिजली दर में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि आयोग ने बिजली कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को खारिज करते हुए औसतन 6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी को ही मंजूरी दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी।


