सरकार ने दावा किया है कि टेलीग्राम का इस्तेमाल साइबर क्राइम, एग्जाम पेपर लीक, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, आतंकवाद से जुड़े प्रचार और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है। दिल्ली हाइकोर्ट में दिए हलफनामे में केंद्र ने बताया कि टेलीग्राम की गोपनीयता और गुमनामी बनाए रखने वाली विशेषताओं ने इसे आपराधियों का पसंदीदा नेटवर्क बना दिया है। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस तेजस कारिया की बेंच टेलीग्राम की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जिसमें उसके खिलाफ लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी। बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। साथ ही कहा है कि अगर किसी पक्ष को कोई बात रखनी है तो वह शाम 7 बजे तक जमा कर सकता है। दरअसल, भारत सरकार ने 21 जून को होने वाले NEET रीएग्जाम से पहले टेलीग्राम चैनल पर अस्थायी बैन लगाया है। यह रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। सरकार ने हलफनामे में 5 दावे किए ———————- ये खबर भी पढ़ें… 2 दिन में 4 NEET स्टूडेंट ने सुसाइड किया: गुजरात का छात्र छठी मंजिल से कूदा; तमिलनाडु की छात्रा ने लिखा- दोबारा एग्जाम से डर तमिलनाडु के कोयंबटूर में NEET की तैयारी कर रही 19 साल की छात्रा अनुकीर्तना ने बुधवार सुबह जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले छात्रा ने अपने चाचा और करीबी रिश्तेदारों को वॉट्सएप मैसेज भेजे थे। वहीं, अहमदाबाद के न्यू रानीप इलाके में बुधवार रात करीब 2:30 बजे 17 साल के छात्र ने आनंदम फ्लैट्स के ब्लॉक बी की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। पुलिस जांच में पता चला कि छात्र NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा- पूरा टेलीग्राम क्यों बैन किया:सरकार का दावा- यह आतंकियों-अपराधियों का पसंदीदा प्लेटफॉर्म, इसलिए NEET रीएग्जाम से पहले रोक लगाई
By worldprime
On: जून 18, 2026 4:53 अपराह्न
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