FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने 143 फूड ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है। गलत दावें, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों की शिकायतों के कारण ये नोटिस भेजा गया है। FSSAI ने इन सभी कंपनियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। 214. प्लक्क मैंगो फ्रूट जूस इस प्रोडक्ट के पैकेट पर “नो ऐडेड शुगर” का दावा किया गया था। हालांकि, जब इसके इंग्रीडिएंट लिस्ट की जांच की गई, तो उसमें 22006% मैंगो पल्प और 22006% गन्ने का रस शामिल होना पाया गया। 2. नेचुरल पनीर इस ब्रांड ने अपनी पैकेजिंग पर “नेचुरल पनीर” नाम का इस्तेमाल किया था। FSSAI ने जांच में पाया कि यह नाम फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस 2018 के शेड्यूल V के नियमों का उल्लंघन करता है। 3. गौर हेल्दी फूड – सिल्कन टोफू इस प्रोडक्ट पर “100% वेज” की टैगलाइन का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा पैकेट पर बिना किसी सटीक वैल्यू या मात्रा को घोषित किए “विटामिन्स से भरपूर” होने का भ्रामक दावा किया गया और “कैंसर-रोधी गुण” जैसे प्रतिबंधित चिकित्सीय दावे भी लिखे गए थे। 4. मास्टरचौफ फूड्स – रैमन नूडल्स कंपनी अपने इस प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर “100% नेचुरल” और “फ्रेशली मेड” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही थी। बाजार में इसे “हाई-क्वालिटी ऑर्गेनिक फ्लोर” से बना बताकर प्रमोट किया गया, जबकि सामग्री की सूची में यह पारंपरिक “प्रीमियम क्वालिटी व्हाइट फ्लोर” (मैदा) पाया गया। 20063. फेरैरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड – किंडर जॉय इस प्रोडक्ट के पैकेट पर “मिल्क सॉलिड्स से भरपूर” (रिच इन मिल्क सॉलिड्स) का दावा किया गया था। नोटिस के अनुसार, प्रोडक्ट में इस्तेमाल की गई सामग्री की बनावट इस बात की पुष्टि नहीं करती है कि इस कन्फेक्शनरी आइटम में मिल्क सॉलिड्स का हिस्सा सबसे मुख्य या प्रमुख है। 6. मेडिज़न लैब्स का एटम PWR व्हे XL इस व्हे प्रोटीन प्रोडक्ट पर “प्योर एंड हेल्दी” और “100% ऑथेंटिक” जैसे भ्रामक दावे करने के कारण कार्रवाई की गई है। इसके अलावा विज्ञापन में बताए गए इसके फायदे, जैसे कि “ईजी डाइजेस्ट” और “रैपिड रिकवरी” के पक्ष में कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं पाया गया। 7. सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल इस तेल के विज्ञापन और पैकेट पर “हार्ट प्रो” जैसे शब्दों और दृश्यों का इस्तेमाल किया गया था, जो बिना किसी अनुमति के दिल की सेहत को फायदा पहुंचाने का संकेत देते हैं। पैकेट पर लिखे “गुड फैट्स बैलेंस” और “लोसॉर्ब” जैसे दावों के लिए भी कंपनी से वैज्ञानिक सबूत मांगे गए हैं। 8.
14 फूड ब्रांड्स को FSSAI का नोटिस:मैदे को बताया ऑर्गेनिक, गन्ने के रस को कहा ‘नो ऐडेड शुगर’; भ्रामक दावों पर जवाब मांगा
By worldprime
On: जून 22, 2026 12:23 अपराह्न
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