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प्रशांत महासागर में बन रहा ‘गॉडजिला अल नीनो’:समुद्र में गर्मी बढ़ी, नासा ने सैटेलाइट फोटो जारी की; दुनियाभर में बाढ़-सूखा की आशंका

On: जून 22, 2026 6:34 अपराह्न
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दुनिया एक बार फिर बड़े जलवायु बदलाव की ओर बढ़ रही है। प्रशांत महासागर में अल नीनो तेजी से मजबूत हो रहा है। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) के मुताबिक पश्चिमी प्रशांत महासागर में वैसी ही परिस्थितियां बन रही हैं जैसी 1997 में बनी थीं। उस समय इतिहास का सबसे शक्तिशाली ‘गॉडजिला अल नीनो’ बना था। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह हाल के सालों का सबसे प्रभावशाली अल नीनो हो सकता है। नासा के सैटेलाइट ने समुद्र में जमा हो रही भारी मात्रा में गर्मी की फोटो और आंकड़े जारी किए हैं। 1997-98 के अल नीनो के कारण दुनिया के कई हिस्सों में भीषण बाढ़, सूखा, फसलों को भारी नुकसान और रिकॉर्ड स्तर की गर्मी दर्ज की गई थी। वैज्ञानिकों को आशंका है कि मौजूदा अल नीनो भी उसी दिशा में बढ़ सकता है। समुद्र में गर्म पानी जमा हो रहा नासा के सेंटिनल-6 माइकल फ्रीलिच सैटेलाइट से मिले आंकड़ों के मुताबिक भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के बड़े हिस्से में समुद्र का जलस्तर सामान्य से ज्यादा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक- दुनियाभर सूखा-बाढ़ की आशंका वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वी प्रशांत महासागर अभी 1997 जितना गर्म नहीं हुआ है, लेकिन नई केल्विन वेव्स लगातार उस क्षेत्र की ओर बढ़ रही हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अल नीनो आने वाले महीनों में और मजबूत हो सकता है। इतिहास बताता है कि अल नीनो के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और एशिया के कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा भीषण गर्मी, फसल उत्पादन में कमी और मौसम संबंधी आपदाओं की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। NOAA ने 11 जून को अल नीनो की घोषणा की थी अमेरिका की राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने 11 जून को अल नीनो की स्थिति घोषित कर दी थी। यह घोषणा मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में लगातार कई महीनों तक सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होने के बाद की गई। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत समेत दुनियाभर में 3 महीने तक सूखे की आशंका, 2 सिस्टम बने तो ही बारिश की उम्मीद इस साल में भारत समेत दुनियाभर में सूखे की आशंका है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने वैश्विक जलवायु को लेकर चेतावनी जारी की है। प्रशांत महासागर में तेजी से गर्म हो रहे समुद्री जल के कारण जून से अगस्त के बीच अल नीनो बनने की आशंका 80% है। नवंबर तक इसके 90% या उससे ज्यादा बने रहने की आशंका है। पूरी खबर पढ़ें…

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