Raipur News: रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार तथा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस दौरान कई प्रभावित महिलाओं ने अपनी पीड़ा भी साझा की।![]()
कांग्रेस आपके साथ खड़ी है – दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रभावित परिवारों से कहा कि घटना के समय मौके पर नहीं पहुंच पाने का उन्हें अफसोस है। उन्होंने बताया कि रात करीब 10:30 बजे घटना की जानकारी मिलने के बाद पार्टी की ओर से प्रतिनिधियों को गांव भेजा गया था, लेकिन पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कार्रवाई का विरोध करती है और प्रभावित परिवारों के साथ हर लड़ाई में खड़ी रहेगी। उनका कहना था कि यदि सरकार विधायक और अधिकारियों के लिए आवास बनाना चाहती है, तो इसके लिए गरीबों के घर उजाड़ना उचित नहीं है। किसी का घर तोड़कर किसी और का घर नहीं बनाया जाना चाहिए।
राजनीति नहीं, लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने आए हैं
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने आई है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस तरह की कार्रवाई नहीं हुई थी।
उन्होंने घोषणा की कि 13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में नकटी गांव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके अलावा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर और राज्यपाल से भी मुलाकात करेगा। यदि समाधान नहीं निकला तो पार्टी आंदोलन और प्रदर्शन भी करेगी।
भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उन्होंने प्रभावित परिवारों से विस्तार से चर्चा की है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाया, जबकि प्रभावशाली लोगों के निर्माण पर कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों पर बुलडोजर चलाकर अपनी ताकत दिखाने का प्रयास किया है। साथ ही मांग की कि गांव और आसपास के सभी अवैध कब्जों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा
भूपेश बघेल ने भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक अनुज शर्मा का नाम लेते हुए कहा कि यदि वे पहल करते तो यह कार्रवाई टल सकती थी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि प्रभावित परिवारों के घर क्यों नहीं बचाए जा सके।
उन्होंने रायगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी विकास परियोजनाओं के नाम पर बड़ी संख्या में मकान तोड़े गए और पेड़ों की कटाई की गई थी।
मुआवजा और पुनर्वास की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मांग की कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही उनकी आजीविका को हुए नुकसान की भी भरपाई की जाए। उनका कहना था कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए थी।



