Raipur News: राजधानी रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तीन दिन बाद भी प्रभावित परिवारों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुलडोजर कार्रवाई में घर टूटने के बाद कई परिवार बारिश और कीचड़ के बीच अपने क्षतिग्रस्त मकानों में रहने को मजबूर हैं। गुरुवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव गांव पहुंचे और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।![]()
वहीं भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रात के अंधेरे में घर तोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह आज भी नकटी गांव के ग्रामीणों के साथ खड़े हैं।
बारिश के बीच जारी है धरना
ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए, उनमें से कई अब भी खुले आसमान और टूटे घरों में रहने को मजबूर हैं। प्रभावित परिवार गांव में ही बारिश और कीचड़ के बीच धरना देकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
EWS मकान को लेकर भी नाराजगी
प्रशासन की ओर से कुछ प्रभावित परिवारों को EWS आवास उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सभी परिवारों को मकान नहीं मिला है। जिन लोगों को आवास मिला है, उनका आरोप है कि वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और मकान इतने छोटे हैं कि पूरे परिवार का रहना मुश्किल है। इसी मांग को लेकर ग्रामीण बुधवार रात तक कलेक्ट्रेट परिसर के सामने भी धरने पर बैठे रहे।
ग्रामीणों को मिला था आश्वासन
ग्रामीणों के अनुसार बुलडोजर कार्रवाई से दो दिन पहले वे सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिले थे। उस दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया था कि बरसात तक कोई तोड़फोड़ नहीं होगी और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इसके बावजूद 29 जून को गांव के करीब 80 मकानों पर बुलडोजर चला दिया गया।
1 साल पुराना पत्र हुआ वायरल
नकटी गांव मामले को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा एक वर्ष पुराना पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पत्र में उन्होंने विधायक कॉलोनी के लिए जमीन चयन पर आपत्ति जताते हुए गरीब परिवारों को हटाए जाने को मानवीय दृष्टि से उचित नहीं बताया था।



