CG Monsoon Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को कांग्रेस विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। राज्य गठन के बाद विधानसभा में यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव होगा। अब तक विधानसभा में 9 बार अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन हर बार सरकारें सदन में अपना बहुमत साबित करने में सफल रही हैं। विधानसभा की आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए दिन तय करेंगे।![]()
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
कांग्रेस इस बार नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और विभिन्न प्रशासनिक मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं भाजपा सरकार अपनी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों को सदन में रखेगी।
विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 35 विधायक हैं। एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के हैं। ऐसे में संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है।
अब तक कोई अविश्वास प्रस्ताव नहीं हुआ सफल
छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में अब तक 9 बार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। वर्ष 2002 और 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी की सरकार के खिलाफ भाजपा ने दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाया था।
| साल | मुख्यमंत्री | प्रस्तावक | चर्चा | परिणाम |
| 2002 | अजीत जोगी | नंदकुमार साय | 17 घंटे 08 मिनट | प्रस्ताव गिरा |
| 2003 | अजीत जोगी | नंदकुमार साय | 11 घंटे 52 मिनट | प्रस्ताव गिरा |
| 2007 | डॉ. रमन सिंह | महेंद्र कर्मा | 17 घंटे 50 मिनट | प्रस्ताव गिरा |
| 2011 | डॉ. रमन सिंह | रविंद्र चौबे | 23 घंटे 19 मिनट | प्रस्ताव गिरा |
| 2015 | डॉ. रमन सिंह | टी.एस. सिंहदेव | 24 घंटे 25 मिनट | प्रस्ताव गिरा |
| 2017 | डॉ. रमन सिंह | टी.एस. सिंहदेव | 18 घंटे 38 मिनट | प्रस्ताव गिरा |
| 2018 | डॉ. रमन सिंह | टी.एस. सिंहदेव | 14 घंटे 08 मिनट | प्रस्ताव गिरा |
| 2022 | भूपेश बघेल | धरमलाल कौशिक | 12 घंटे 32 मिनट | प्रस्ताव गिरा |
| 2023 | भूपेश बघेल | नारायण चंदेल | 12 घंटे 30 मिनट | प्रस्ताव गिरा |
| 2026 | विष्णुदेव साय | कांग्रेस | मंगलवार को प्रस्तुत होगा | चर्चा, मतदान बाकी |
इसके बाद डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ वर्ष 2007, 2011, 2015, 2017 और 2018 में कांग्रेस ने पांच बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। वहीं वर्ष 2022 और 2023 में भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। सभी प्रस्ताव बहस के बाद बहुमत नहीं मिलने से गिर गए। सबसे लंबी चर्चा वर्ष 2015 में डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई थी, जो 24 घंटे 25 मिनट तक चली थी।
प्रश्नकाल में भी उठेंगे कई मुद्दे
अविश्वास प्रस्ताव के साथ-साथ प्रश्नकाल में भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। भाजपा विधायक भैय्यालाल राजवाड़े जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन और पानी की टंकियों के निर्माण का मुद्दा उठाएंगे।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत औद्योगिक दुर्घटनाओं की जांच का मामला उठाएंगे।
कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार प्रदेश की शराब दुकानों को लेकर सरकार से सवाल करेंगी। विधायक अटल श्रीवास्तव बिलासपुर जिले में सरकारी आयोजनों पर हुए खर्च का मुद्दा उठाएंगे। वहीं विधायक राघवेंद्र सिंह प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों का मामला सदन में रखेंगे। इसके अलावा सदन में विभिन्न विभागों से जुड़े शासकीय कार्य और अन्य विधायी कार्य भी किए जाएंगे।


