CG Monsoon Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में फर्जी ग्रामसभा के आधार पर उद्योग स्थापना, मछुआ नीति, खाद आवंटन, रायपुर मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में वेतन भुगतान, जर्जर सड़कें और औद्योगिक सुरक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल ने कथित फर्जी ग्रामसभा के आधार पर उद्योगों की स्थापना का मामला उठाया।![]()
फर्जी ग्रामसभा का मामला
भूपेश बघेल ने वित्त एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी से पूछा कि फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों के आधार पर उद्योगों को लाभ पहुंचाने वालों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। मंत्री ने जवाब दिया कि मामले की पुलिस जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि ग्राम अल्दा और देवरी-घुलघुल में ग्रामसभा के प्रस्तावों में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और संबंधित कंपनियों को आवंटित जमीन निरस्त करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में ग्रामसभा की कार्यवाही पंजी में अंतिम दो पंक्तियां किसने जोड़ीं, इसकी जानकारी नहीं मिली है।
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ग्राम अल्दा के मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। पुलिस विवेचना कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों तथा संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मछुआ नीति पर उठा सवाल
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने मछली पालन के लिए तालाबों के पट्टा आवंटन में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर मछुआ सहकारी समितियों के बजाय गैर मछुआ समितियों को पट्टे दिए गए हैं।
मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि वर्ष 2022 की मछली पालन नीति के तहत पट्टों का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई होगी।
मछुआ नीति में बदलाव की तैयारी
नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मौजूदा मछुआ नीति में मौजूद विसंगतियों का मुद्दा उठाया। मंत्री रामविचार नेताम ने सदन में घोषणा की कि नई मछुआ नीति तैयार की जा रही है और उसमें सभी विसंगतियों को दूर किया जाएगा।
खाद आवंटन पर भी चर्चा
कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने कुछ क्षेत्रों में लक्ष्य से अधिक खाद आवंटन का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि प्रदेश में 14 लाख 6 हजार 555 मीट्रिक टन उर्वरक का आवंटन किया गया है। इसमें 64 प्रतिशत सहकारी क्षेत्र और 36 प्रतिशत निजी क्षेत्र के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया गया है।
मंत्री ने कहा कि उर्वरक का आवंटन भारत सरकार की योजना के अनुसार किया जाता है और किसानों की आवश्यकता के अनुरूप खाद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
अन्य मुद्दों पर भी सरकार से सवाल
सदन में नवा रायपुर स्थित सेवाग्राम की प्रगति, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रतिनियुक्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान, प्राचीन पांडुलिपियों और ताम्रपत्रों के संरक्षण, रायपुर मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, जर्जर सड़कों और औद्योगिक सुरक्षा जैसे कई विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगा गया।


