April 1 New Rules: आज 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू हो गया है, जिसके साथ ही कई अहम वित्तीय नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों, नौकरीपेशा कर्मचारियों और निवेशकों की जेब पर पड़ेगा। (1 अप्रैल नए नियम)
1. पैन कार्ड बनवाना अब नहीं होगा आसान (PAN Card New Rules)
सबसे बड़ा बदलाव पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में हुआ है। अब केवल आधार कार्ड के जरिए पैन बनाना संभव नहीं होगा। नए नियम के तहत आधार के साथ जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देना अनिवार्य कर दिया गया है।

2. HRA क्लेम पर बढ़ी सख्ती
HRA क्लेम को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। यदि कोई कर्मचारी सालाना 1 लाख रुपये से अधिक किराया दिखाता है, तो उसे मकान मालिक का पैन नंबर देना होगा। साथ ही यह जानकारी भी देनी होगी कि मकान मालिक परिवार का सदस्य है या नहीं। गलत जानकारी देने वालों पर आयकर विभाग कार्रवाई कर सकता है।
3. ATM से कैश निकालना हुआ महंगा
बैंकों ने ATM से कैश निकालने के नियमों में भी बदलाव किया है-
HDFC Bank: मेट्रो शहरों में केवल 3 और नॉन-मेट्रो में 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलेंगे।
PNB: कुछ कार्ड्स पर डेली लिमिट 1 लाख से घटाकर ₹50,000 कर दी गई है।
Bandhan Bank: महीने में केवल 5 फ्री फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन ही मिलेंगे, उसके बाद चार्ज लगेगा।

4. क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर IT विभाग की नजर
क्रेडिट कार्ड उपयोग पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। यदि कोई व्यक्ति सालभर में 10 लाख रुपये से अधिक डिजिटल खर्च या 1 लाख रुपये से ज्यादा कैश पेमेंट करता है, तो इसकी जानकारी सीधे आयकर विभाग को जाएगी। अब क्रेडिट कार्ड के जरिए टैक्स भुगतान की सुविधा भी दी गई है, हालांकि इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। (क्रेडिट कार्ड नियम)

5. ITR फाइलिंग की नई डेडलाइन
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की तारीखों में भी बदलाव किया गया है। ITR-1 और ITR-2 के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है, जबकि बिना ऑडिट वाले ITR-3 और ITR-4 के लिए डेडलाइन 31 अगस्त निर्धारित की गई है।





