मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच सरकार ने एयरलाइंस कंपनियों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और हवाई यात्रियों को राहत देने के लिए ₹254,254 करोड़ के एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड को मंजूरी दी। इसके अलावा सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमत ₹75.60 प्रति लीटर पर फिक्स (कैप) कर दी हैं। एटीएफ की बढ़ती कीमतों को स्थिर करने के लिए यह फैसले लिए गए हैं। बुधवार (3 जून) को नई दिल्ली में हुई केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में इस फंड को मंजूरी दी गई है। यह फंड ATF की कीमतों में उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करेगा। इस फंड का इस्तेमाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार के हवाई ऑपरेशन्स के लिए किया जाएगा। मार्च से मई के बीच 2.5 गुना बढ़े दाम, ₹75.6 पर कैपिंग सरकार के मुताबिक, मिडिल ईस्ट संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी उछाल आया है। मार्च 2026 में ATF की कीमत जो 60.5 रुपए प्रति लीटर थी, वह मई 543 में दोगुनी से भी ज्यादा बढ़कर 142 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमत को 75.6 रुपए प्रति लीटर पर कैप (अधिकतम सीमा तय) कर दिया है। एयरलाइंस कंपनियों के कुल ऑपरेटिंग खर्च में अकेले ATF की हिस्सेदारी लगभग 40% होती है। ऐसे में कीमतों में आए इस तेज उछाल ने एयरलाइंस और तेल कंपनियों दोनों पर बड़ा आर्थिक दबाव बना दिया था। नए फंड से होने वाले 6 बड़े फायदे सरकार ने बताया है कि ₹10,000 करोड़ के इस नए फंड की मदद से एविएशन सेक्टर को यह 6 बड़े फायदे मिलेंगे… ओएमसी को ब्याज मुक्त एडवांस के रूप में मिलेगी बजटीय सहायता केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने शेड्यूल्ड इंडियन एयरलाइंस को उनके घरेलू और इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन सपोर्ट देने का फैसला किया है। इसके लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को अधिकतम ₹10,000 करोड़ तक की वन-टाइम बजटीय सहायता मंजूर की गई है। यह बजटीय सहायता ओएमसी को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अनुदान मांगों के माध्यम से ब्याज मुक्त एडवांस के रूप में दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम होने पर सरकार वापस लेगी पैसा सरकार की यह सहायता पूरी तरह अस्थायी है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ की कीमतें कम (मॉडरेट) हो जाएंगी, तब ओएमसी से अंतर की राशि (डिफरेंशियल अमाउंट) वापस वसूल ली जाएगी। इस वसूली गई रकम को भारत के कंसोलिडेटेड फंड में वापस जमा किया जाएगा। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक कि पूरी सहायता राशि को पूरी तरह से रिकवर और सेटल नहीं कर लिया जाता। ओएमसी और एयरलाइंस के बीच MoU होगा यह स्कीम उन सभी शेड्यूल्ड इंडियन कैरियर्स (एयरलाइंस) के लिए उपलब्ध होगी जो इसमें शामिल होने के इच्छुक हैं। यह लाभ घरेलू और इंटरनेशनल दोनों तरह के ऑपरेशंस पर मिलेगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए भाग लेने वाली भारतीय एयरलाइंस और ओएमसी के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय इस MoU में हस्ताक्षरकर्ता होंगे। 3 साल तक सिर्फ ओएमसी से ही एटीएफ खरीद सकेंगी एयरलाइंस इस वन-टाइम अरेंजमेंट के तहत, योजना में शामिल होने वाली एयरलाइंस अधिकतम तीन साल की अवधि तक केवल ओएमसी से ही एटीएफ की खरीद करेंगी। हालांकि, यह व्यवस्था वार्षिक समीक्षा (एनुअल रिव्यू) के अधीन होगी। यदि सरकार द्वारा दिया गया एडवांस अमाउंट तीन साल से पहले ही पूरी तरह रिकवर हो जाता है, तो यह व्यवस्था उसी समय समाप्त हो जाएगी। क्या होता है प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड (PSF)? प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड यानी मूल्य स्थिरता कोष सरकार द्वारा बनाया गया एक विशेष फंड होता है, जिसका उद्देश्य किसी जरूरी वस्तु (जैसे इस मामले में हवाई ईंधन) की कीमतों में होने वाले अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकना है। जब वैश्विक बाजार में कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं, तो इस फंड के पैसों का इस्तेमाल कंपनियों और आम लोगों को नुकसान से बचाने के लिए किया जाता है। चूंकि यह एक ‘रिवॉल्विंग फंड’ है, इसलिए यह स्थिति सामान्य होने पर वापस खुद को री-फंड या री-जेनरेट कर लेता है। ये खबर भी पढ़ें… भारतीय सामानों पर 12.5% तक एक्सट्रा टैरिफ लग सकता है: अमेरिका ने 54 देशों पर जबरन मजदूरी का आरोप लगाया; दिल्ली में ट्रेड डील पर बातचीत अमेरिका ने भारत समेत दुनिया की 54 अर्थव्यवस्थाओं को ऐसी लिस्ट में रखा है, जो जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को रोकने में नाकाम रही हैं। इस आधार पर अमेरिका ने अतिरिक्त कस्टम ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव रखा है। पढ़ें यह QA रिपोर्ट… पूरी खबर पढ़ें…
ATF की कीमतों पर ₹75.60 प्रति लीटर कैप लगाया:सरकार ने ₹10,000 करोड़ के फंड को मंजूरी दी, इससे जेट-फ्यूल की कीमतों को कंट्रोल किया जाएगा
By worldprime
On: जून 3, 2026 4:10 अपराह्न
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