शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। जिसमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अलगे हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। इसका नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा और स्टूडेंट्स को 31 मई तक तीसरी लैंग्वेज चुनने का समय दिया गया है। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच करेगी सुनवाई सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इस मामले में पेरेंट्स की तरफ से पक्ष रखा। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बैच इस पर सुनवाई करेगी। रोहतगी ने पक्ष रखते हुए कहा, ‘ये एक बेहद जरूरी जनहित याचिका है। ये CBSE की उस पॉलिसी को चुनौती दे रहे हैं जिसके तहत 9वीं में दो और भाषाएं अनिवार्य की गई हैं।’ इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनावई कर सकता है। इस फैसले से 9वीं, 10वीं वलास के लगभग 50 लाख बच्चे प्रभावित होंगे। याचिकाकर्ताओं का आरोप CBSE बात से पलटा याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये फैसला CBSE के पहले के फैसले से बिल्कुल उलट है। सीबीएसई ने 9 अप्रैल को साफ कहा था कि तीसरी भाषा वाला नियम (R3) 9वीं क्लास के छात्रों पर 2029-30 सत्र तक लागू नहीं होगा। याच?
CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स:9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध, जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच करेगी सुनवाई
By worldprime
On: मई 22, 2026 4:29 अपराह्न
---Advertisement---