Census 2027: जनगणना के नाम पर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। फिलहाल ऑनलाइन जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का अभियान 1 मई से शुरू होगा। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति अभी घर आकर जानकारी मांगता है, तो वह फर्जी हो सकता है।. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को नागरिकों की बैंकिंग या वित्तीय जानकारी लेने का अधिकार नहीं है। लोग अपनी बैंक डिटेल, अकाउंट नंबर, यूपीआई पिन, ओटीपी, पासवर्ड, आधार नंबर, पैन नंबर, आय, बैंक बैलेंस, निवेश या ज्वेलरी से जुड़ी जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं हैं।. निर्देशों के अनुसार, जनगणना पूरी तरह निशुल्क प्रक्रिया है और इसके लिए कोई भी कर्मचारी पैसे की मांग नहीं कर सकता। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की जानकारी मांगता है या संदिग्ध गतिविधि करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की जा सकती है।. सरकार ने यह भी कहा है कि जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसे किसी भी सिविल या क्रिमिनल कोर्ट में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकेगा। साथ ही प्रगणक और पर्यवेक्षकों के लिए पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है।. नियमों का पालन नहीं करने या गलत जानकारी देने पर 1000 रुपए तक का जुर्माना और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि सांस्कृतिक परंपराओं के आधार पर कुछ मामलों में छूट भी दी जाएगी, जैसे यदि किसी परिवार में नाम लेने की परंपरा नहीं है, तो उसे बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।. सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अंजान लिंक, एप या क्यूआर कोड पर क्लिक न करें, न ही किसी को ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। फर्जी जनगणनाकर्मी आमतौर पर पहचान पत्र दिखाने से बचते हैं, जल्दबाजी करते हैं और गैर-जरूरी सवाल पूछते हैं।
Census 2027: खबरदार ! जनगणना के नाम पर भूलकर भी न दें ये जानकारियां..
By worldprime
On: अप्रैल 21, 2026 1:28 अपराह्न
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