CG Bird Flu: बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। खमतराई इलाके की ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास 30-35 मरे हुए मुर्गे खुले में फेंके मिले, जिससे आसपास के रहवासी बदबू और संक्रमण के खतरे से परेशान हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने दावा किया था कि सभी मरे हुए मुर्गों को दफनाया गया है, लेकिन इसके बावजूद बोरियों में भरकर फेंकी गई मुर्गियां मिलने से नाराजगी बढ़ गई है। लोगों ने तत्काल इन्हें हटाने की मांग की है।

बता दें कि कोनी स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म में पिछले 5 दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की मौत हुई थी। जांच के लिए भेजे गए सैंपल में बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद पूरे पोल्ट्री फार्म को बंद कर दिया गया है।

सरकार करती है पोल्ट्री फार्म का संचालन
कोनी के कुक्कुट पालन परिसर में पोल्ट्री फार्म का संचालन सरकार करती है। जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसान मुर्गी पालन करते हैं। सरकार की तरफ से उन्हें चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं। यहां करीब 6 हजार से अधिक नस्लों के मुर्गे-मुर्गियों का प्रजनन और पालन किया जाता है।

18 मार्च से शुरू हुआ मौत का सिलसिला
जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च से पोल्ट्री शेड में रखे मुर्गें-मुर्गियों की मौत शुरू हुई थी। शुरुआती दिनों में संख्या कम थी, लेकिन धीरे-धीरे यह बढ़ती गई और पांच दिनों के अंदर करीब 5 हजार पक्षियों की मौत हो गई।

पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डॉ. संजय राज ने शुरुआत में मामले को सामान्य बीमारी माना था। बाद में मौतों की संख्या बढ़ने पर इसकी जानकारी संयुक्त संचालक डॉ. जीएसएस तंवर को दी गई। इसके बाद मामले से कलेक्टर संजय अग्रवाल को भी दी गई।





