CG News: छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा में इस बार नौतपा शुरू होने से पहले ही गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तेज धूप, झुलसाने वाली लू और लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब इसका असर वन्यजीवों पर भी साफ नजर आने लगा है। नगर पंचायत पाली क्षेत्र में भीषण गर्मी के चलते 150 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत का मामला सामने आया है।. 43 डिग्री तापमान बना जानलेवा. पाली क्षेत्र में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। इसी बीच नौकोनिया तालाब के आसपास पेड़ों पर रहने वाले चमगादड़ हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का शिकार होकर मरने लगे। बड़ी संख्या में चमगादड़ पेड़ों से गिरकर जमीन पर मृत पाए गए।. प्रवासी चमगादड़ों का बसेरा बना मौत का मैदान. पाली का ऐतिहासिक नौकोनिया तालाब वर्षों से प्रवासी चमगादड़ों का प्रमुख ठिकाना माना जाता है। हर साल फरवरी-मार्च के दौरान हजारों चमगादड़ यहां पहुंचकर तालाब किनारे पुराने पेड़ों पर डेरा डालते हैं। इस बार इनकी संख्या पहले से अधिक बताई जा रही थी। सुबह और शाम के समय तालाब के ऊपर उड़ते चमगादड़ों का दृश्य देखने लोग दूर-दूर से पहुंचते थे, लेकिन अब वही इलाका इन बेजुबान जीवों की मौत का गवाह बन गया है।. शहरीकरण और जंगल कटाई का असर. पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि कोरबा जिले में तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण, कोयला खदानों के विस्तार और लगातार हो रही पेड़ों की कटाई ने पर्यावरण संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। हरित क्षेत्र कम होने से इलाके का तापमान लगातार बढ़ रहा है और प्राकृतिक नमी खत्म होती जा रही है। इसका सीधा असर वन्यजीवों और पक्षियों के जीवन पर पड़ रहा है।. हीट आइलैंड में बदलता कोरबा.
CG News: झुलसाने वाली धूप से 150 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत
By worldprime
On: मई 25, 2026 10:35 पूर्वाह्न
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