CG Ration Card: कोरबा जिले में 77 हजार से अधिक BPL हितग्राहियों का राशन फिलहाल रोक दिया गया है। खाद्य विभाग के अनुसार इन हितग्राहियों ने अभी तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। विभाग ने 15 जुलाई तक ई-केवाईसी कराने की अंतिम समय सीमा तय की है। निर्धारित तिथि तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर राशन कार्ड से संबंधित सदस्यों का नाम हटाया जा सकता है।![]()
3.24 लाख BPL परिवारों को मिलता है सस्ता राशन
कोरबा जिले में लगभग 3 लाख 24 हजार 718 बीपीएल परिवारों को शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से रियायती दर पर राशन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें प्राथमिकता, अंत्योदय, निराश्रित और नि:शक्त राशन कार्डधारी शामिल हैं। पात्र हितग्राहियों को एक रुपए प्रति किलोग्राम की दर से चावल के साथ चना, शक्कर और नमक भी दिया जाता है। जिले में 37 हजार 474 एपीएल राशन कार्डधारी भी हैं।
ई-केवाईसी नहीं कराने से रुका राशन
खाद्य विभाग के अनुसार कई हितग्राही दूसरे राज्यों में पलायन कर चुके हैं, कुछ की मृत्यु हो चुकी है और कई परिवार लंबे समय से राशन नहीं ले रहे हैं। ऐसे मामलों की जांच की जा रही है। अब तक 77 हजार से अधिक बीपीएल हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है। इसी कारण शासन ने उनके राशन का आबंटन रोक दिया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
कोरबा जिले में 554 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं। ई-केवाईसी से वंचित हितग्राहियों की सूची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई है। उन्हें घर-घर जाकर हितग्राहियों को जानकारी देने और जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 जुलाई तक पूरा करें प्रक्रिया
खाद्य विभाग ने सभी छूटे हुए हितग्राहियों को 15 जुलाई तक पीडीएस दुकानों के माध्यम से ई-केवाईसी कराने का समय दिया है। तय समय सीमा के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर राशन कार्ड से संबंधित सदस्यों का नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने हितग्राहियों से समय रहते ई-केवाईसी कराने की अपील की है।
अधिकारी ने क्या कहा
जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर ने बताया कि बीपीएल राशन कार्डधारी परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। जिले में 77 हजार से अधिक सदस्य अभी भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। उन्हें जागरूक करने और समय पर ई-केवाईसी पूरा कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

