रायपुर। राहुल गांधी के रायपुर दौरे के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल दावों में आरोप लगाया जा रहा है कि एयरपोर्ट पर भीड़ जुटाने के लिए कुछ लोगों को 100-100 रुपए दिए गए। वहीं संगठनात्मक कार्यक्रम के बीच चंदा वसूली, गुटबाजी और वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी की चर्चाओं ने पार्टी के भीतर की खींचतान को सुर्खियों में ला दिया है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान कई नेताओं ने शक्ति प्रदर्शन की कोशिश की, लेकिन उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं जुटी। इसी बीच कुछ वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष को भी हमला बोलने का मौका मिल गया है। हालांकि वायरल वीडियो और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं दूसरी तरफ पार्टी के कुछ पदाधिकारियों पर चंदा वसूली के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि अलग-अलग विभागों के अधिकारियों और व्यापारियों से कार्यक्रम के नाम पर आर्थिक सहयोग लिया गया। साथ ही NSUI के कुछ पदाधिकारियों पर भी कथित लेनदेन और दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं, जिनसे जुड़ी रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों को साफ संदेश दिया कि गुटबाजी छोड़कर कार्यकर्ताओं और जनता के लिए काम करें। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, जन मुद्दों पर आंदोलन तेज करने और शिकायत होने पर सीधे उनसे संपर्क करने की बात भी कही।
इसी बीच वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा, एयरपोर्ट पर विधायकों की कम मौजूदगी और अंदरूनी खींचतान की चर्चाओं ने कांग्रेस के संगठनात्मक माहौल पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।