Raipur Auto Rules: राजधानी रायपुर में ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत शहर में संचालित सभी पंजीकृत ऑटो और ई-रिक्शा पर QR कोड लगाया जाएगा। QR कोड स्कैन करते ही वाहन चालक की पूरी जानकारी यात्रियों के मोबाइल पर उपलब्ध होगी।![]()
पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार क्यूआर कोड में चालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, वाहन संबंधी जानकारी और पंजीयन विवरण दर्ज रहेगा। यात्री इस जानकारी को अपने परिजनों या परिचितों के साथ भी साझा कर सकेंगे, जिससे सफर के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
ई-रिक्शा पंजीयन अभियान के तहत 5 जून तक राजधानी में कुल 13 हजार 782 ई-रिक्शा का पंजीयन किया जा चुका है। सभी पंजीकृत चालकों को पहचान पत्र भी जारी किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ वाहन चालकों की पहचान सुनिश्चित करने में भी मदद करेगी।
200 से अधिक नए ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड बनेंगे
नई योजना के तहत रायपुर शहर में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए 200 से अधिक स्टैंड विकसित किए जाएंगे। प्रारंभिक योजना के अनुसार प्रत्येक थाना क्षेत्र में 20 से 25 स्टैंड चिन्हित किए जाएंगे। इससे सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या कम होगी और यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।
ट्रैफिक एसीपी एवं ई-रिक्शा पंजीयन अभियान के नोडल अधिकारी सतीश ठाकुर ने बताया कि मात्र 15 दिनों में 13 हजार से अधिक वाहन चालकों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है, जो अभियान की बड़ी सफलता है।
पंजीयन की तारीख बढ़ाने की मांग
हालांकि बड़ी संख्या में वाहन चालक अब भी पंजीयन प्रक्रिया से बाहर हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, जिसके कारण वे पंजीयन नहीं करा पाए हैं। ऑटो संघ ने पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है ताकि शेष चालक भी इस प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में बिना पंजीयन और बिना वैध लाइसेंस संचालित वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
18 हजार से अधिक ई-रिक्शा संचालित
जानकारी के अनुसार रायपुर शहर में लगभग 18 हजार ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जबकि अब तक 13 हजार 782 वाहनों का ही पंजीयन हुआ है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई वाहन चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं। कुछ मामलों में चालक निर्धारित आयु सीमा से कम उम्र के भी पाए गए हैं।
रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि सभी ऑटो और ई-रिक्शा में क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इसे स्कैन करते ही यात्रियों को चालक की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। साथ ही शहरभर में 200 से अधिक स्टैंड विकसित किए जाएंगे, जिससे यातायात व्यवस्था और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।


