यह पहली बार है जब लोक सेवा आयोग ने एग्जाम खत्म होते ही प्रोविजनल आंसर-की जारी की है। इस पर ऑब्जेक्शन दर्ज करने के लिए उम्मीदवारों को 31 मई तक तक का समय दिया गया है। कई एक्सपर्ट का भी कहना है कि 2026 का प्रीलिम्स शायद अब तक के सबसे अलग तरह के पेपर्स में से एक था। वहीं अब CSE प्रीलिम्स पर यूपीएससी चेयरमैन अजय कुमार का भी रिएक्शन सामने आया है। चेयरमैन ने माना आंसर की से मिलेगी स्पष्टता : यूपीएससी चेयरमैन अजय कुमार ने लिंक्डिन पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने कहा कि ‘मैं समझता हूं कि इस साल का प्रीलिम्स कई एस्पिरेंट्स के लिए टफ और चैलेंजिंग रहा। ऐसी स्थिति में ऑफिशियल प्रोविजनल आंसर-की से ज्यादा स्पष्टता मिलती है। आंसर-की में ज्यादातर उत्तर किताबें सरकारी वेबसाइट, गवर्नमेंट प्रेस विज्ञप्ति, प्रतिष्ठित अखबारों से हैं, जिससे एस्पिरेंट्स तैयारी करते हैं। अगर आंसर की में किसी भी जवाब को रिव्यू की जरूरत है, तो आप अपनी प्रतिक्रियां ऑफिशियल QPRep पोर्टल पर सब्मिट कर सकते हैं।’ चंडीगढ़ में UPSC की तैयारी कराने वाले शेखर दत्त ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि ‘ये अब तक की सबसे टफ UPSC प्रीलिम्स परीक्षाओं में से एक थी.’ उन्होंने UPSC को एक नया नाम दिया और कहा कि ये ‘Unprecedented (जो पहले न हुआ हो) Public Service Commission’ है। कला एवं संस्कृति से सबसे ज्यादा सवाल जनरल स्टडीज पेपर में इस बार इतिहास
UPSC ने पहली बार जारी की प्रीलिम्स आंसर की:चैयरमैन ने माना टफ और चैलेंजिंग था पेपर; 5.5 लाख कैंडिडेट्स ने दिया है एग्जाम
By worldprime
On: मई 29, 2026 5:27 अपराह्न
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