सवाल: मैं बनारस से हूँ। मेरा 12 साल का बेटा छठी कक्षा में पढ़ता है। वह पढ़ाई में बहुत अच्छा है। शिक्षक भी उसकी तारीफ करते हैं। कुल मिलाकर अब तक उसकी पढ़ाई का आंकलन कीजिए। लेकिन उसके सभी दोस्त ट्यूशन लेते हैं। उसकी कक्षा के बाकी बच्चे भी ट्यूशन लेते हैं। क्या उसे लगता है कि उसे बाहर रखा गया है? रिश्तेदारों, पड़ोसियों से भी अक्सर सुनने को मिलता है, “बच्चे को ट्यूशन भेजना बहुत ज़रूरी है। क्या मुझे भी अपने बेटे को ट्यूशन भेजना चाहिए? डर है कि कहीं वह पीछे न रह जाए। कृपया मार्गदर्शन करें। अमिता श्रृंगी, मनोवैज्ञानिक, परिवार और बाल परामर्शदाता, जयपुर उत्तर – आपने जो सवाल पूछा है, वह आजकल लगभग सभी माता – पिता के मन में होता है। स्वाभाविक है, लेकिन निर्णय भय के आधार पर नहीं, बल्कि बच्चे की ज़रूरत के आधार पर होना चाहिए। जैसा कि आपने बताया कि आपका बच्चा पढ़ने में अच्छा है। और शिक्षकों द्वारा सराहा जाता है. तो शायद इस समय उसे ट्यूशन देने का विचार सही नहीं होगा. तर्क यह है कि ‘सभी बच्चे ट्यूशन जा रहे हैं तो मुझे लगता है कि ‘यह सही नहीं है, क्योंकि हर बच्चा अलग है. कुछ बच्चों की जरूरत है, लेकिन कुछ अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता हो सकती है तो कुछ बच क्यों कक्षा में पढ़ाया जा रहा पाठ ही काफ?
अभिभावक – क्या बच्चे को ट्यूशन पढ़ाना ज़रूरी है: उसके साथ के सभी बच्चे ट्यूशन जाते हैं, कहीं वो लेफ्ट – आउट तो नहीं महसूस करेगा
By worldprime
On: फ़रवरी 26, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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