हर साल करोड़ों लोग आखिरी तारीख से पहले अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते हैं। रिटर्न जमा होते ही उन्हें लगता है कि अब उनका काम पूरा हो गया है। अब बस रिफ लेकिन यहां पर बहुत से लोग एक जरूरी कदम को छोड़ देते हैं, जो है – ITR का ई-वेरिफिकेशन। यह कर दाखिल करने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है, जिसके बिना आयकर और विभाग रिटर्न प्रोसेस नहीं करता है। ऐसे में रिटर्न मिलने में देरी हो सकती है। निर्धारित समय सीमा के भीतर ई – वेरिफिकेशन न होने पर आयकर विभाग रिटर्न को अमान्य भी मान सकता है। यह एक ऑनलाइन प्रक्रिया है, जिसे कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकता है। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में ई-सत्यापन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बात करते हैं। इसके साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: सीए अमर जैन, फाउंडर- चार्टर्ड एकाउंटेंट कंपनी ‘टैक्स प्रोवाइडर’ इंदौर सवाल- ITR e-वेरिफिकेशन क्या होता है? उत्तर- ITR e-Verification एक ऑनलाइन प्रोसेस है। इसके माध्यम से ITR फाइल करने के बाद यह पुष्टि की जाती है कि रिटर्न टैक्सपेयर ने ही फाइल किया है, जिसके बाद रिटर्न का ऑनलाइन प्रश्न- ITR e-Verification की आवश्यकता क्यों है? उत्तर- ई-सत्यापन के बिना आईटीआर फाइलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाती है। जब तक रिटर्न ई-सत्यापित नहीं होता, आयकर विभाग उसे प्रोसेस नहीं करता। आकलन और अन्य
आपका पैसा- ITR फाइल करने के बाद e-Verification जरूरी: एक्सपर्ट से जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस, इन 5 कॉमन गलतियों से बचें
By worldprime
On: जुलाई 18, 2026 4:30 पूर्वाह्न
---Advertisement---