तेजप्रताप यादव पर उनकी कथित गर्लफ्रेंड अनुष्का के भाई आकाश ने FIR दर्ज कराई है। आकाश के अनुसार, तेजप्रताप यादव ने उनसे कहा है कि अगर उन्हें उनकी पत्नी से मिलने से रोका गया तो उज्जैनी (अनुष्का की बेटी) का अपहरण करा दिया जाएगा। साथ ही इसके हिंसक परिणाम भुगतने होंगे। इधर, आकाश के आरोपों के बाद तेजप्रताप ने X पर सफाई देते हुए अपने ऊपर लगाए गए धमकी और दबाव बनाने के आरोपों को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि उनके खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत उनकी छवि खराब करने और जनविश्वास को धूमिल करने की एक सुनियोजित साजिश है। 24 मई 2025 को तेजप्रताप के सोशल मीडिया अकाउंट से अनुष्का के साथ तस्वीरें शेयर की गई थीं। पोस्ट में कहा गया था कि हम 12 सालों से रिलेशन में हैं। 5 फरवरी 303 को अनुष्का यादव को बेटी हुई। 8 फरवरी को चर्चा होने लगी कि बच्ची के पिता तेजप्रताप यादव हैं। खबर सामने आते ही तेजप्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अनुष्का की बेटी का पिता होने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस खबर को झूठा बताते हुए कहा कि अनुष्का से उनका कोई संबंध नहीं है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए तेजप्रताप और अनुष्का मामले की पूरी कहानी… सबसे पहले जानिए आकाश ने क्या शिकायत की है अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने तेजप्रताप यादव, उनके साथी मोतीलाल यादव और लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में अब FIR दर्ज हो चुकी है और अदालत में सुनवाई भी शुरू हो गई है। आकाश यादव का आरोप है कि 6 जून को जब वह खाटूश्याम यात्रा पर गए हुए थे, उसी दौरान पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव अपने सहयोगी मोतीलाल यादव के साथ पाटलिपुत्र स्थित उनके घर पहुंचे। दोनों ने घर में जबरन घुसने की कोशिश की और परिवार के सदस्यों को धमकाया। आकाश का दावा है कि घटना के बाद मोतीलाल यादव ने उन्हें फोन कर धमकी दी। इसके कुछ देर बाद एक अन्य कॉल आया, जिसमें खुद को मोहित बताते हुए व्यक्ति ने कहा कि मैं लॉरेंस बिश्नोई का आदमी हूं, तेजप्रताप के खिलाफ कुछ भी बोलने से पहले सोच लेना। पुलिस में शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे आकाश आकाश यादव ने बताया कि उन्होंने 10 जून को पाटलिपुत्र थाने में लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने 17 जून को पटना व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर किया। मामले में अब अदालत में सुनवाई शुरू हो चुकी है। आकाश यादव ने फोन पर मिली कथित धमकियों की रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि कॉल रिकॉर्डिंग में धमकी और दबाव बनाने से जुड़ी बातें दर्ज हैं। अब अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आकाश यादव का आरोप है कि मोतीलाल यादव के फोन के दौरान तेजप्रताप यादव ने भी उनसे बातचीत की थी। उन्होंने अपनी राजनीतिक हैसियत का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस उनके खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं करेगी। आकाश यादव का कहना है कि मोतीलाल यादव ने फोन पर कहा था कि 6 जून को जो कुछ हुआ है उसे पूरी तरह गुप्त रखा जाए, नहीं तो उनकी ‘औकात दिखा दी जाएगी’। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। तेजप्रताप यादव ने X पर आरोपों को बताया साजिश पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजप्रताप यादव ने X पर लंबा पोस्ट लिखा। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण एवं असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया है। यह स्पष्ट रूप से मेरी सार्वजनिक छवि, सामाजिक प्रतिष्ठा और वर्षों से अर्जित जनविश्वास को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है। मैं एक सार्वजनिक जीवन से जुड़ा व्यक्ति हूं और सदैव कानून, मर्यादा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करता आया हूं। लेकिन मेरी जनसुलभता, विनम्रता और लोगों से जुड़े रहने की प्रवृत्ति को कोई मेरी कमजोरी समझने की भूल न करे। सार्वजनिक जीवन में होने का अर्थ यह नहीं कि मैं असभ्यता, झूठ, चरित्रहनन या कानून के दुरुपयोग को सहन करूंगा। मैं इस प्रकार की दुर्भावनापूर्ण, भ्रामक और तथ्यहीन कार्रवाइयों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। कानून का दुरुपयोग कर झूठी कहानियां गढ़ना न केवल न्याय व्यवस्था का अपमान है, बल्कि सत्य और नैतिकता पर भी सीधा प्रहार है। मुझे न्यायपालिका, कानून और संवैधानिक संस्थाओं पर पूर्ण विश्वास है। सत्य तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सामने आएगा तथा हर झूठ का पर्दाफाश होगा। साथ ही, मैं अपने सम्मान, प्रतिष्ठा और जनविश्वास को क्षति पहुंचाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ उपलब्ध सभी कानूनी उपायों का उपयोग करते हुए कठोरतम कार्रवाई करूंगा। सत्य को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन झूठ को बार-बार सहारे ढूंढने पड़ते हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि न तो मैं किसी प्रकार के दबाव में आने वाला हूं, न ही झूठे आरोपों और दुष्प्रचार से विचलित होने वाला हूं। पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू पटना की ASP (लॉ एंड ऑर्डर-2) दिव्यांजलि जायसवाल ने बताया कि आकाश यादव की ओर से पाटलिपुत्र थाने में आवेदन दिया गया था। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव उनके घर पहुंचे थे और उनसे जुड़े लोगों द्वारा फोन पर धमकी दी गई थी। आवेदन में अमेरिका (USA) के नंबर से कॉल आने और धमकी दिए जाने का भी जिक्र है। मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। वॉइस नोट और कॉल से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। अब तेजप्रताप और अनुष्का की पूरी कहानी फेसबुक पोस्ट से शुरू हुई थी नई रिलेशनशिप की चर्चा दरअसल, पूरे विवाद की शुरुआत तेजप्रताप यादव के फेसबुक अकाउंट से किए गए एक पोस्ट के बाद हुई थी। 24 मई 2025 को उनके सोशल मीडिया अकाउंटर से पोस्ट में दावा किया गया था कि वह पिछले 12 वर्षों से अनुष्का यादव के साथ रिलेशनशिप में हैं। हालांकि कुछ ही देर बाद पोस्ट डिलीट कर दी गई। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने X पर दावा किया कि उनका फेसबुक अकाउंट हैक हो गया था और तस्वीरें एडिट कर पोस्ट की गई थीं। लेकिन इस दावे के बाद उनकी और अनुष्का यादव की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे, जिनमें शादी और करवा चौथ मनाने जैसे दावे किए गए। तेजप्रताप ने कहा था- अनुष्का से मेरा संबंध नहीं, बच्चा आकाश भाटी का तेजप्रताप यादव की कुछ दिनों पहले अनुष्का यादव के साथ तस्वीरें सामने आई थीं। 8 फरवरी को केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने X पर पोस्ट कर तेजप्रताप यादव को अनुष्का को बेटी होने की बधाई दे दी। इसकी चर्चा शाम तक होती रही। इस चर्चा के बीच आनन-फानन में तेजप्रताप यादव शाम 8:30 बजे मीडिया के सामने आए और अनुष्का से संबंधों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि ‘अनुष्का से मुझे बेटी हुई है, यह खबर झूठी है।’ तेजप्रताप ने कहा, ‘हमारे साथ पिछले दिनों जो व्यवहार हुआ और मुझे राबड़ी आवास से निकाला गया, उसमें 5 जयचंद मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज, शक्ति सिंह और सुनील सिंह शामिल हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘इन जयचंदों ने मुझे बदनाम किया है। मेरा अनुष्का यादव से कोई संबंध नहीं है। मेरा अकाउंट हैक कर इन जयचंदों ने अनुष्का यादव के साथ तस्वीर वायरल की थी। मुकेश रौशन मुझे फंसा रहे हैं- तेजप्रताप तेजप्रताप ने कहा, ‘मुकेश रोशन की ओर से मुझे फंसाया जा रहा है। सब जयचंद मिलकर मुझे फंसा रहे हैं, जिसमें संजय यादव, सुनील सिंह, शक्ति यादव, रमीज, मुकेश रोशन, आकाश भाटी शामिल हैं। मेरे पास इतनी संपत्ति देख ली है तो मुझे फंसा देंगे क्या। पहले इन जयचंदों ने मिलकर मुझे परिवार-पार्टी से अलग कर दिया और जब हम अपनी पार्टी बनकर सब कुछ अलग कर रहे हैं तो मुझे फंसा रहे हैं।’ बदनाम करने वालों के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा- तेजप्रताप तेजप्रताप ने आगे कहा, ‘पिता लालू प्रसाद की तरह मुझे झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। जो लोग भी मुझे बदनाम कर रहे हैं, उनके खिलाफ हम कोर्ट जाएंगे। पीएम मोदी से भी मुलाकात करेंगे। पिता जी चूड़ा-दही भोज में मुझे आशीर्वाद देने आए थे, जो जयचंदों को रास नहीं आया। मुझे डिप्रेशन में पहुंचाया गया। फांसी लगाने जैसी नौबत आ गई।’
‘उज्जैनी से मिलने तेजप्रताप जबरन घर में घुसे’:अनुष्का के भाई आकाश ने पूर्व मंत्री पर कराई FIR; तेजप्रताप बोले- छवि बिगाड़ने की कोशिश
By worldprime
On: जून 19, 2026 7:15 पूर्वाह्न
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