क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

एआई का खौफ, फ्रेंचाइजी बिजनेस की वापसी:लैपटॉप वाली नौकरी छोड़ ‘खुद का बॉस’ बनने की होड़; अमेरिकी मॉडल में भारतीयों का दबदबा

On: जून 1, 2026 12:48 अपराह्न
Follow Us:
red and white modern breaking news youtube thumbnail
---Advertisement---

एआई के बढ़ते खतरे और महंगी पढ़ाई के बीच कॉरपोरेट नौकरियों के मुकाबले फ्रेंचाइजी बिजनेस का क्रेज बढ़ रहा है। अब लोग लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरियों के बजाय पिलेट्स (खास तरह का व्यायाम) सिखाने और खाना पकाने जैसे व्यावहारिक बिजनेस को सुरक्षित मान रहे हैं। अमेरिका के 8.5 लाख फ्रेंचाइजी आउटलेट्स को 2.5 लाख मालिक संभाल रहे हैं। ये 90 लाख रोजगार देते हैं। अमेरिकी जीडीपी में 53% योगदान कर रहे हैं। आईएफए के मैट हॉलर का कहना है कि एक दशक पहले तक, अमीर बनने का रास्ता कॉलेज की डिग्री और लैपटॉप वाली वाइट-कॉलर नौकरी माना जाता था। लेकिन अब महंगी पढ़ाई और एआई के आने से युवाओं का ध्यान पारंपरिक और जमीनी व्यवसायों की तरफ गया है। पायलट क्लास सिखाना या खाना पकाना जैसे बिजनेस अब ज्यादा सुरक्षित लगते हैं, क्योंकि इन्हें इंसानों के बिना नहीं चलाया जा सकता। जो इंसानों के बिना नहीं चल सकते, उन बिजनेस की मांग अमेरिका में डंकिन डोनट्स से लेकर यूपीएस स्टोर और अधिकांश मैरियट होटल इसी मॉडल पर चलते हैं। अब यह मॉडल फिटनेस स्टूडियो, घरेलू सेवाओं और चाइल्ड केयर जैसे नए क्षेत्रों में भी फैल रहा है। ये मॉडल लंबे समय से प्रवासियों को आकर्षित करता आया है। अमेरिका के कुल मोटल्स में से दो-तिहाई के मालिक भारतीय मूल के हैं। अधिकांश उन गुजरातियों के वंशज हैं, जिन्होंने 1980 के दशक में सुपर 8 और ट्रैवलॉज की फ्रेंचाइजी खरीदी थी। सफलता – मैकडॉनल्ड्स से बने ज्यादा करोड़पति मैकडॉनल्ड्स के अमेरिका में स्थित लगभग 14,24.2 आउटलेट्स में से करीब 22% को स्वतंत्र फ्रेंचाइजी मालिक चलाते हैं। इस चेन ने इतिहास में किसी भी अन्य कंपनी के मुकाबले सबसे ज्यादा आम लोगों को करोड़पति बनाया है। लागत – अमेरिका में 22.2 से 22 करोड़ रुपए तक खर्च एक फिटनेस स्टूडियो शुरू करने में 23-25 करोड़ रुपए का खर्च होते हैं। वहीं, रेस्टोरेंट फ्रेंचाइजी में 153 करोड़ का निवेश करना पड़ सकता है। सफलता की दर स्वतंत्र बिजनेस की तुलना में पहले 215-21 साल बेहतर होती है, लेकिन बाद में जोखिम बराबर ही रहता है। भारत – फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 285% की गति से बढ़ रहा भारतीय रिटेल और कंज्यूमर मार्केट में फ्रेंचाइजी मॉडल अब सबसे सुरक्षित और तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस बन चुका है। अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्रेंचाइजी बाजार है। फ्रैंकोर्प इंडिया और फैनकास्ट की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का फ्रेंचाइजी बाजार सालाना 30% बढ़ रहा है। अभी यह करीब 95 हजार करोड़ रुपए का है। अगले 5 वर्षों में इसके 14.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए हर साल 72% कम्पाउंडेड ग्रोथ की जरूरत होगी। नेटवर्क – देश में 5 हजार से अधिक एक्टिव ब्रांड्स भारत में 13,000 से अधिक सक्रिय फ्रेंचाइजर ब्रांड हैं। आउटलेट्स 2 लाख से ज्यादा हैं। 5 साल बाद लक्ष्य पूरा होने पर जीडीपी में यह सेक्टर 4.2% का बड़ा योगदान देगा। अभी यह योगदान 2-2.2% है। विस्तार – छोटे शहरों में बढ़ रहे फ्रेंचाइजी आउटलेट्स महानगरों के मुकाबले टियर-2, 3 शहरों में फ्रेंचाइजी आउटलेट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। नए उद्यमी बैंक लोन और जमा पूंजी का इस्तेमाल करके फ्रेंचाइजी मॉडल में निवेश कर रहे हैं। फूड, प्री-स्कूल कोचिंग, डायग्नोस्टिक लैब्स और ब्यूटी-वेलनेस डिमांड में हैं। लागत – भारत में न्यूनतम 5 लाख निवेश की जरूरत देश में छोटे स्तर के कियोस्क या सेंटर के लिए 5-15 लाख की जरूरत होती है। इंटरनेशनल ब्रांड्स के लिए 1 करोड़ तक की जरूरत होती है। स्वतंत्र स्टार्टअप्स के मुकाबले भारत में फ्रेंचाइजी बिजनेस टिके रहने की दर 85% ज्यादा है। तैयार सिस्टम और स्थापित ब्रांड वैल्यू के कारण रिस्क काफी कम हो जाता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

red and white modern breaking news youtube thumbnail

भारतीय कोच बोले- वैभव सूर्यवंशी शांत स्वभाव का लड़का: श्रीलंकाई खिलाड़ियों को व्यवहार करना सिखाना चाहिए, कल मैच में धक्का-मुक्की हुई थी

red and white modern breaking news youtube thumbnail

एअर इंडिया ने शुरू की ‘बेसिक’ किराया कैटेगरी:मुफ्त खाना नहीं मिलेगा, चाय-कॉफी कॉम्प्लीमेंट्री रहेगी; चुनिंदा घरेलू रूट्स पर ट्रायल शुरू

red and white modern breaking news youtube thumbnail

ट्रम्प ने G-7 में जेलेंस्की को नजरंदाज किया, VIDEO:सभी नेताओं से मिले, यूक्रेनी प्रेसिडेंट से हाथ भी नहीं मिलाया, व्हाइट हाउस में तकरार हुई थी

red and white modern breaking news youtube thumbnail

नेपाल ने चीन के सामने कालापानी-लिपुलेख का मुद्दा उठाया:कहा- भारत के साथ समझौता किस आधार पर हुआ; वांग यी बोले- बातचीत से विवाद सुलझाएं

red and white modern breaking news youtube thumbnail

बिगबास्केट के CEO हरि मेनन ने इस्तीफा दिया:अमेजन के अमित नंदा उनकी जगह लेंगे, टाटा ग्रुप की कंपनी में बड़ा फेरबदल

red and white modern breaking news youtube thumbnail

Bhupesh Baghel: वायरल चैट और वीडियो को लेकर भड़के भूपेश बघेल, दी ये चेतावनी..

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });