जिम्बाब्वे में आयोजित क्रिकेट अंडर 373 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाकर विश्व विजेता बनी भारतीय टीम के चमकते सितारे कनिष्क चौहान आज झज्जर जिले में अपने गांव कुलाना पहुंच रहे हैं. अपनी जादुई गेंदबाजी और तूफानी बल्लेबाजी से फाइनल के आखिरी ओवरों में मैच का पासा पलटने वाले इस लाडले के स्वागत के लिए गांव कुलाना गांव में 5 से 6 हजार लोगों के लिए खाना तैयार किया गया है स्वागत समारोह में राजनीतिक लोगों को भी निमंत्रण भेजा गया है। शंख की मां सरिता चौहान अपने लाडले की राह देख रही हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘सिर्फ मुझे ही नहीं, पूरे देश को अपने बेटे पर नाज है।’ बता दें कि अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष महात्र की तूफानी पारी के बाद कनिष्क ने भी अपनी ऑलराउंडर प्रतिभा का परिचय देते हुए 20 गेंदों पर 3 चौके और 1 छक्के की म द से 37 रन बनाए और इंग्लैंड टीम के कप्तान थॉमस सहित दो विकेट भी लिए। फाइनल के ‘गेमचेंजर’: 20 गेंदों में बदली मैच की किस्मत फाइनल मुकाबले में कनिष्क ने उस समय मोर बल्लेबाजी का तूफान: मात्र 20 गेंदों में 3 चौके और 1 छक्का विशेष रूप से अंतिम ओवर में 18 रन कूटकर टीम का स्कोर जिम्बाब्वे में आयोजित क्रिकेट U-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाकर विश्व विजेता बनी भारतीय टीम के चमकते सितारे कनिष्क चौहान आज झज्जर जिले में अपने गांव कुलाना पहुंच रहे हैं। अपनी जादुई गेंदबाजी और तूफानी बल्लेबाजी से फाइनल के आखिरी ओवरों में मैच का पासा पलटने वाले इस लाडले के स्वागत के लिए गांव में दिवाली जैसा माहौल है। कुलाना गांव में 5 से 6 हजार लोगों के लिए खाना तैयार किया गया है। स्वागत समारोह में राजनीतिक लोगों को भी निमंत्रण भेजा गया है। कनिष्क की मां सरिता चौहान अपने लाडले की राह देख रही हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘सिर्फ मुझे ही नहीं, पूरे देश को अपने बेटे पर नाज है।’ बता दें कि U-19 वर्ल्डकप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष महात्र की तूफानी पारी के बाद कनिष्क ने भी अपनी ऑलराउंडर प्रतिभा का परिचय देते हुए 20 गेंदों पर 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 37 रन बनाए और इंग्लैड टीम के कप्तान थॉमस सहित दो विकेट भी लिए। फाइनल के ‘गेमचेंजर’: 20 गेंदों में बदली मैच की किस्मत फाइनल मुकाबले में कनिष्क ने उस समय मोर्चा संभाला जब टीम को एक बड़े फिनिश की जरूरत थी। उनकी ऑलराउंडर प्रतिभा ने मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। बल्लेबाजी का तूफान: मात्र 20 गेंदों में 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 37 रन बनाए। विशेष रूप से आखिरी ओवर में 18 रन कूटकर टीम का स्कोर जिम्बाब्वे में आयोजित क्रिकेट U-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाकर विश्व विजेता बनी भारतीय टीम के चमकते सितारे कनिष्क चौहान आज झज्जर जिले में अपने गांव कुलाना पहुंच रहे हैं। अपनी जादुई गेंदबाजी और तूफानी बल्लेबाजी से फाइनल के आखिरी ओवरों में मैच का पासा पलटने वाले इस लाडले के स्वागत के लिए गांव में दिवाली जैसा माहौल है। कुलाना गांव में 5 से 6 हजार लोगों के लिए खाना तैयार किया गया है। स्वागत समारोह में राजनीतिक लोगों को भी निमंत्रण भेजा गया है। कनिष्क की मां सरिता चौहान अपने लाडले की राह देख रही हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘सिर्फ मुझे ही नहीं, पूरे देश को अपने बेटे पर नाज है।’ बता दें कि U-19 वर्ल्डकप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष महात्र की तूफानी पारी के बाद कनिष्क ने भी अपनी ऑलराउंडर प्रतिभा का परिचय देते हुए 20 गेंदों पर 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 37 रन बनाए और इंग्लैड टीम के कप्तान थॉमस सहित दो विकेट भी लिए। फाइनल के ‘गेमचेंजर’: 20 गेंदों में बदली मैच की किस्मत फाइनल मुकाबले में कनिष्क ने उस समय मोर्चा संभाला जब टीम को एक बड़े फिनिश की जरूरत थी। उनकी ऑलराउंडर प्रतिभा ने मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। बल्लेबाजी का तूफान: मात्र 20 गेंदों में 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 37 रन बनाए। विशेष रूप से आखिरी ओवर में 18 रन कूटकर टीम का स्कोर
क्रिकेटर कनिष्क चौहान का आज झज्जर में ‘शाही’ स्वागत:6 हजार लोगों का खाना, पूरे गांव में जश्न; U-19 वर्ल्डकप में दिलाई जीत
By worldprime
On: फ़रवरी 9, 2026 6:58 पूर्वाह्न
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