अमेरिका में 27 भारतीय ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इन लोगों पर आरोप है कि वे अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रह रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इन्हें जल्द ही अमेरिका से बाहर भेजा जाएगा। अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने बताया कि 24 से 52 मई के बीच ऑपरेशन चेकमेट के तहत एरिजोना में कुल 223 लोगों को पकड़ा गया। इनमें से 229 लोग ट्रक चला रहे थे। इनमें से 27 भारतीय है। बाकी 6 लोग मेक्सिको, एल साल्वाडोर और रूस के थे। इन ट्रक ड्राइवरों के पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों से जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे, जबकि कुछ लोगों के पास कोई लाइसेंस ही नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर लोगों के पास काम करने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज थे, जो बाइडन प्रशासन के दौरान मिले थे। लेकिन अब वे दस्तावेज मान्य नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… रूस का यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला: 5 की मौत, 55 से ज्यादा घायल रूस ने मंगलवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव समेत द्नीप्रो और खार्किव पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए। हमलों में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 55 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद कई शहरों में एयर रेड अलर्ट जारी कर लोगों को शेल्टर में भेजा गया। यूक्रेन के पूर्वी शहर द्नीप्रो में रूसी हमले में 4 लोगों की मौत हो गई। क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सांद्र हांझा के मुताबिक 10 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, वाहन जल गए और बच्चों का खेल मैदान भी तबाह हो गया। राजधानी कीव में एक व्यक्ति की मौत हुई है और 29 लोग घायल हुए हैं। मेयर विताली क्लिट्स्को के अनुसार मिसाइल हमले से 24 मंजिला अपार्टमेंट का हिस्सा ढह गया। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है। एक अन्य 9 मंजिला इमारत में आग लग गई। ओबोलोन जिले में मिसाइल के मलबे से कई कारें जल गईं और किंडरगार्टन के पास भी आग लगी। हमले के दौरान पूरे यूक्रेन में एयर रेड अलर्ट जारी किया गया। कीव में हजारों लोग मेट्रो स्टेशनों और अन्य सुरक्षित ठिकानों में शरण लेने पहुंचे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक दिन पहले ही बड़े रूसी हमले की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा था कि खुफिया एजेंसियों की चेतावनियां अब भी प्रभावी हैं और बड़े पैमाने पर हमला संभव है। खार्किव में ड्रोन और मिसाइल हमलों में एक बच्चे समेत 10 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने कई इलाकों में नुकसान की जानकारी दी है। रूस ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह कीव में सैन्य ठिकानों और निर्णय लेने वाले केंद्रों पर “सिस्टमेटिक स्ट्राइक” करेगा। रूस का कहना है कि यह कार्रवाई लुहान्स्क क्षेत्र में छात्रावास पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में की जा रही है, जबकि यूक्रेन ने इसमें अपनी भूमिका से इनकार किया है। फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों देशों के बीच हमले लगातार तेज हो रहे हैं। शांति प्रयासों के बावजूद अब तक संघर्ष समाप्त होने के संकेत नहीं मिले हैं। अमेरिका में घरेलू विवाद के बाद परिवार के 6 लोगों की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने भी की आत्महत्या अमेरिका के आयोवा राज्य के मस्कटीन शहर में घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति ने परिवार के 6 सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी आत्महत्या कर ली। घटना में कुल 7 लोगों की मौत हुई है। पुलिस को सोमवार दोपहर एक घर में गोलीबारी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने घर के अंदर 4 लोगों के शव बरामद किए। सभी की मौत गोली लगने से हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने 52 वर्षीय रयान विलिस मैकफारलैंड को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया। वारदात के बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और कुछ समय बाद उसे ढूंढ़ लिया। मस्कटीन पुलिस प्रमुख एंथनी कीस के मुताबिक, पुलिस उससे बातचीत कर रही थी तभी उसने खुद को गोली मार ली। इसके बाद जांच में सामने आया कि मामले में दो और लोग भी मारे गए हैं। पुलिस ने एक अन्य मकान और एक स्थानीय व्यवसायिक प्रतिष्ठान से दो पुरुषों के शव बरामद किए। दोनों की मौत भी गोली लगने से हुई थी। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच के अनुसार पूरा घटनाक्रम घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि सभी पीड़ित आरोपी के रिश्तेदार थे। मृतकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। करीब 23 हजार आबादी वाले मस्कटीन शहर में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। रूस को आर्मेनिया की दो टूक: EU पर अभी जनमत संग्रह नहीं; पश्चिम की ओर बढ़ते कदमों से बढ़ा तनाव आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान ने रूस की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें यूरोपीय संघ (EU) में शामिल होने को लेकर जल्द जनमत संग्रह कराने की बात कही गई थी। रूस और आर्मेनिया के बीच बढ़ते तनाव के बीच पशिनयान ने कहा कि फिलहाल ऐसा जनमत संग्रह न तो व्यावहारिक है और न ही उचित। कजाकिस्तान में 29 मई को हुए यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) शिखर सम्मेलन में रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान ने आर्मेनिया से EU सदस्यता पर जल्द जनमत संग्रह कराने का आग्रह किया था। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि कोई भी देश एक साथ EAEU और EU दोनों का सदस्य नहीं रह सकता। पुतिन ने आर्मेनिया को पश्चिमी देशों के करीब जाने के खतरों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यूक्रेन संकट की शुरुआत भी EU के साथ बढ़ते रिश्तों से हुई थी। सोमवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत भी हुई। पशिनयान ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि आर्मेनिया तब तक EAEU में बना रहेगा, जब तक किसी एक गुट को चुनना अनिवार्य नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि EU उम्मीदवार देश का दर्जा पाने के लिए औपचारिक आवेदन से पहले जनमत संग्रह कराने का कोई औचित्य नहीं है। आर्मेनिया में 7 जून को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले रूस ने आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। मॉस्को ने अपने राजदूत को वापस बुला लिया है और आर्मेनिया से मछली व समुद्री खाद्य पदार्थों के आयात पर रोक लगा दी है। इससे पहले भी कई आर्मेनियाई उत्पादों पर प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। यूरोपीय संघ ने आरोप लगाया है कि रूस आर्थिक दबाव के जरिए आर्मेनिया के चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, गैरकानूनी रूप से रह रहे थे
By worldprime
On: जून 2, 2026 10:02 पूर्वाह्न
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