केंद्र सरकार ने शनिवार को चांदी के आयात पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब 99.9% शुद्धता वाला सिल्वर बार, अनरॉट सिल्वर ( कच्ची चांदी), चांदी पाउडर और सोने या प्लेटिनम की परत चढ़ी चांदी को विदेश से मंगाने के लिए सरकार की अनुमति लेनी होगी। पहले इनका आयात आसानी से किया जा सकता था, लेकिन अब इन्हें ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। सरकार का कहना है कि गैर-जरूरी आयात कम करने और विदेशी मुद्रा के खर्च को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे पहले 13 मई सरकार ने सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी भी 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। इस फैसले का असर आसान सवाल-जवाब में समझते हैं… सवाल 9773: सरकार ने चांदी के इम्पोर्ट को लेकर क्या नया आदेश जारी किया है? जवाब: सरकार ने नए नोटिफिकेशन के जरिए चांदी की कई कैटेगरीज के आयात नियम सख्त कर दिए हैं। अब तक चांदी का इम्पोर्ट ‘फ्री’ कैटेगिरी में था, जिसे बदलकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ (प्रतिबंधित) कैटेगिरी में डाल दिया गया है। सवाल 2: इस पाबंदी के दायरे में चांदी के कौन-कौन से प्रोडक्ट्स आएंगे? जवाब: नए नियमों के तहत अब कोई भी कंपनी या कारोबारी सिल्वर बार (चांदी की सिल्लियां), अनरॉट सिल्वर (बिना गढ़ी कच्ची चांदी), चांदी का पाउडर या सेमी-मैन्युफैक्चरर्ड सिल्वर सीधे भारत नहीं ला सकेगा। सवाल 3: अगर कोई चांदी भारत मंगाना चाहता है, तो अब उसका क्या तरीका होगा? जवाब: अब चांदी का इम्पोर्ट करने के लिए कंपनियों को सरकार से लाइसेंस लेना होगा। इसके बिना कस्टम क्लीयरेंस नहीं मिलेगा। साथ ही, चांदी की कुछ खास कैटेगरीज को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निगरानी के दायरे में भी लाया गया है। सवाल 4: सरकार को चांदी के इम्पोर्ट पर अचानक यह प्रतिबंध क्यों लगाना पड़ा? जवाब: इसका मुख्य उद्देश्य कीमती धातुओं के तेजी से बढ़ते आयात को रोकना है। बढ़ते इम्पोर्ट से देश का इम्पोर्ट बिल (आयात खर्च) और व्यापार घाटा (ट्रेड डेफिसिट) बढ़ रहा है। इसे कंट्रोल करने और विदेशी बाजार के दबाव के बीच रुपये को मजबूती देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। सवाल 5: एक्सपोर्टर्स के लिए ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ स्कीम में क्या बदलाव हुआ है? जवाब: विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) ने इस स्कीम के तहत ड्यूटी-फ्री (बिना टैक्स) सोना मंगाने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब कोई भी एक्सपोर्टर एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम तक ही सोना इम्पोर्ट कर पाएगा। इससे ज्यादा सोना मंगाने की अनुमति नहीं होगी। सवाल 6: जो लोग पहली बार ड्यूटी-फ्री सोने के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उनके लिए क्या नियम है? जवाब: नए आवेदकों के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। पहली बार अप्लाई करने वाले एक्सपोर्टर्स को अप्रूवल से पहले अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी या फैक्ट्री की भौतिक जांच करानी होगी। अधिकारियों की मंजूरी के बाद ही लाइसेंस जारी होगा। सवाल 7: पुराने एक्सपोर्टर्स जो दोबारा लाइसेंस (रिपीट ऑथराइजेशन) चाहते हैं, उनके लिए क्या शर्त है? जवाब: DGFT ने रिपीट आवेदकों के लिए भी नियम सख्त किए हैं। नया या फ्रेश ऑथराइजेशन तभी जारी होगा, जब कंपनी पिछले लाइसेंस के तहत मिली कुल एक्सपोर्ट देनदारी (जितना माल बाहर भेजने का वादा किया था) का कम से कम 50% पूरा कर चुकी हो। सवाल 8: टैक्स-फ्री सोना मंगाने वाली कंपनियों की निगरानी कैसे की जाएगी?
चांदी के आयात पर सरकार ने पाबंदी लगाई:अब विदेश से मंगाने के लिए लाइसेंस जरूरी; 3 दिन पहले इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी
By worldprime
On: मई 16, 2026 9:02 अपराह्न
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