हर महिला को पीरियड्स से जुड़ी परेशानी होती है। पीरियड्स में देरी हो सकती है, पीरियड्स मिस हो सकते हैं, दर्द इतना ज्यादा हो सकता है कि वह सह नहीं सकती। आज, यह समस्या केवल कुछ महिलाओं तक सीमित नहीं है। बहुत सी महिलाएं अनियमित पीरियड्स से जूझ रही हैं। पीसीओएस भारतीय महिलाओं में एक आम हार्मोनल समस्या बन गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, भारत में हर पांच में से एक युवा महिला पीसीओएस से पीड़ित है। पीसीओएस से प्रभावित है। वहीं, डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया भर में प्रजनन आयु की 6 से 13 प्रतिशत महिलाएं पीसीओएस से पीड़ित हैं। पीसीओएस का पता नहीं चल पाता है। विश्व स्तर पर, हर आठ में से एक महिला पीसीओएस से प्रभावित है। वेलनेस आधारित प्रवृत्ति तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि यह हार्मोन संतुलन, अनियमित पीरियड्स में सुधार, प्रजनन क्षमता में वृद्धि और और पीसीओएस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ डॉ. पूनम तिवारी से इस बारे में तथ्य जानना चाहते हैं। तो चलिए आज की जरूरत की खबर में जानते हैं कि एक्सपर्ट?
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By worldprime
On: जनवरी 11, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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