क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

जीसीसी में नियुक्तियां 14% बढ़ीं, पर जेनजी नहीं टिक रहे:कंपनियां 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी देने को तैयार, हैदराबाद सबसे तेज उभरता हब

On: अप्रैल 21, 2026 12:17 अपराह्न
Follow Us:
red and white modern breaking news youtube thumbnail
---Advertisement---

देश के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में नौकरियों का बाजार फिर चमकने लगा है। साल 238 की चौथी मार्च तिमाही में भर्तियों में 242 से 232% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। क्वेस कॉर्प की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ग्रोथ पिछले तिमाही के 236-228% के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। हालांकि एआई और डेटा जैसे एडवांस स्किल्स में 232% तक टैलेंट की कमी है। इसी वजह से कंपनियां एक्सपर्ट्स को आकर्षित करने के लिए 163 से 216 गुना तक ज्यादा सैलरी पैकेज ऑफर कर रही हैं। भर्तियों के मामले में टियर-215 शहरों का दबदबा बरकरार है। कुल भर्तियों में 15-90% हिस्सा मेट्रो शहरों का है। हैदराबाद सबसे तेजी से उभरते हुए हब के रूप में सामने आया है। बेंगलुरु नियुक्तियों के मामले में अब भी नंबर-1 बना हुआ है। टियर-2 शहरों अपनी बढ़त बढ़ा रहे हैं। कोयंबटूर, जयपुर, कोच्चि और अहमदाबाद जैसे शहरों की हिस्सेदारी बढ़कर 10-12% हो गई है। हालांकि, हाई-कॉम्प्लेक्सिटी वाले बड़े काम अब भी मेट्रो शहरों में ही सिमटे हैं। 3 बड़े बदलाव, रिप्लेसमेंट हायरिंग बढ़ी, कन्ट्रैक्ट जॉब्स का बढ़ रहा क्रेज – जेन-जी वर्कफोर्स किसी भी रोल में औसतन 153 महीने से भी कम समय तक टिक रही है। छोटे एम्प्लॉयमेंट साइकिल की वजह से टैलेंट रोक कर रखने की चुनौती बढ़ गई है। – एआई और प्लेटफॉर्म ट्रांसफॉर्मेशन जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनियां अब पक्की नौकरी के बजाय फ्लेक्सिबल स्टाफिंग अपना रही हैं। इस तिमाही में 25% भर्तियां कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर हुईं। – कुल भर्तियों में 40% हिस्सा ‘रिप्लेसमेंट’ का है। यानी कंपनियां नए पद कम सृजित कर रही हैं, बल्कि नौकरी छोड़ने वालों की जगह नई भर्तियां ज्यादा कर रही हैं। एआई में बड़ा स्किल गैप रिपोर्ट के अनुसार, करीब 60% नई नौकरियां एआई, डेटा और प्लेटफॉर्म स्किल्स से जुड़ी हैं। मांग और सप्लाई के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है: सेक्टर/स्किल- टैलेंट की कमी एआई-डेटा- 38%-42% प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग- 32%-36% क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर- 28%-32% आईटी ही नहीं, रियल एस्टेट और इंफ्रा सेक्टर में भी तेजी जीसीसी में हो रही यह रिकवरी अब केवल आईटी या टेक सेक्टर तक सीमित नहीं रह गई। इनमें सबसे आगे रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर है, जहां 18% की ग्रोथ देखी गई है। इसके बाद प्रोफेशनल सर्विसेज में 16% और कंस्ट्रक्शन व इंजीनियरिंग सेक्टर में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ट्रैवल और सामान की आवाजाही से जुड़े हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी 13% ज्यादा भर्तियां हुई हैं। यह ट्रेंड संकेत दे रहा है कि बाजार में चौतरफा रिकवरी लौट रही है। अब सपोर्ट नहीं रणनीतिक हब बन रहे देश के जीसीसी आईटी स्टाफिंग के सीईओ कपिल जोशी का मानना है कि भारत में मौजूद ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के काम करने के तरीके में बदलाव आया है। ये केंद्र बैक-ऑफिस सपोर्ट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया भर के बिजनेस के लिए स्ट्रैटेजिक फैसले ले रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

red and white modern breaking news youtube thumbnail

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला, 3 रेंजर्स की मौत

red and white modern breaking news youtube thumbnail

फिल्ममेकर के. भाग्यराज का निधन:पत्नी और बेटे को सीएम विजय ने सांत्वना दी, तृषा बोलीं- यकीन नहीं हो रहा; कल ही साथ थे

red and white modern breaking news youtube thumbnail

जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके:अफगानिस्तान में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप का असर, 8 देशों में भी महसूस हुए झटके

red and white modern breaking news youtube thumbnail

CG Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 10 थाना और चौकी प्रभारियों के तबादले; देखें लिस्ट-

red and white modern breaking news youtube thumbnail

Raipur News: रायपुर के नशा मुक्ति केंद्र में युवक की संदिग्ध मौत, शरीर पर चोट के निशान

red and white modern breaking news youtube thumbnail

कर्नाटक में हाईवे पर कार में धमाका, युवक की मौत:साथ बैठी युवती को चाकू मारा तो वह कूद गई, ड्राइवर भी जख्मी

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });