रायपुर/बिलासपुर/रायगढ़ :छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल संकट से लोगों की सांसे फूली हुई है|कई जिलों के पंपों पर “NO FUEL” का बोर्ड भी झलकने लगा है|ये वो इलाके है,जो शहर के बाहरी छोर ( OUTER ) और घनी आबादी से दूर स्थित है| शहरों के भीतर स्थित डीजल-पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने की जद्दोजहद और लंबी कतारों से उपभोक्ता परेशान नज़र आ रहे है| जबकि,दूसरी ओर डीजल टैंकरों की अफरा-तफरी का मामला भी सुर्ख़ियों में है | तस्दीक की जा रही है,कि कई औद्योगिक इकाईयों में बड़े पैमाने पर उपभोक्ता डीजल की सुनियोजित आपूर्ति की जा रही है | इसकी मुख्य वज़ह पंप संचालकों को एक ही झटके में मोटा मुनाफ़ा हासिल होना बताया जाता है | यह भी तस्दीक की जा रही है,कि राज्य में डीजल-पेट्रोल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होने के बावजूद कई फ्यूल स्टेशन में “NO DIESEL -PETROL” का बोर्ड चस्पा कर दिया गया है | यह भी पढ़ें : “Who Are You ?” से बढ़ा विवाद ! क्या बीजेपी का “स्लीपर सेल” हैं बघेल ? पंजाब कांग्रेस में उठे बड़े सवाल… जानकार इस पर हैरानी जता रहे है | इसके साथ ही सूत्रों द्वारा उस खेल का भी चित्रण किया जा रहा है,जिसके जरिएउपभोक्ताओं के उपयोग में आने वाले ”डीजल” की खेप की खेप औद्योगिक इकाईयों को सौंपी जा रही है|सूत्रों की माने तो, छत्तीसगढ़ में ”डीजल” की कीमत वर्तमान में लगभग ₹93 से ₹98 प्रति लीटर के बीच है,जबकि कमर्शियल उ?
डीजल की “कालाबाजारी” का खेल ? आम जनता बेहाल, औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच रहा उपभोक्ताओं का फ्यूल ! सौदागर कौन ?
By worldprime
On: मई 16, 2026 6:43 अपराह्न
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