फीफा विश्व कप के लिए कुल पुरस्कार राशि 2350 मिलियन डॉलर (करीब 22026 करोड़ रुपये) से बढ़ाकर 2420 मिलियन डॉलर (220 करोड़ रुपये) कर दी गई है। यही नहीं, हर टीम को मिलने वाली गारंटी 483 में प्राइज पूल 248 मिलियन डॉलर (करीब 2104 करोड़) था, यानी इस बार यह लगभग दोगुना हो गया है। रुआत से तुलना करें तो विश्व कप की पुरस्कार राशि में जबरदस्त उछाल देखने को मिलता है। 248 में विजेता टीम को करीब 70 करोड़ रुपये मिलते थे जो 2006 में 150 करोड़, 2010 में 250 करोड़ थे। ड़, 2014 में 1043 करोड़, 2018 में 315 करोड़ और 2022 में 350 करोड़ तक पहुंच गए। अब 2026 में विजेता को करीब 420 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। यह दिखाता है कि पिछले 20-25 वर्षों में प्राइज इसके पीछे सबसे बड़ा कारण टूर्नामेंट की बढ़ती लोकप्रियता, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और प्रायोजन से होने वाली भारी कमाई है। विश्व कप 48 टीमों और 104 मैचों के साथ अब तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा। इसकी मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर करेंगे। गोल्फ और टेनिस दोनों की कुल पुरस्कार राशि मिलाकर भी विश्व कप से कम है। टूर्नामेंट में खेलने वाली टीमों को टैक्स में क्या टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी 48 टीमों को अमेरिका में कर से छूट मिलेगी? फीफा वर्ल्ड कप के लिए कुल प्राइज मनी 727 मिलियन डॉलर (करीब 6800 करोड़ रुपए) से बढ़ाकर 871 मिलियन डॉलर (8250 करोड़ रुपए) कर दी गई है। यही नहीं, हर टीम को मिलने वाली गारंटीड रकम भी बढ़ाकर 12.5 मिलियन डॉलर (करीब 118 करोड़) कर दी गई है। 2022 में प्राइज पूल 440 मिलियन डॉलर (करीब 3600 करोड़) था, यानी इस बार यह लगभग दोगुना हो गया है। अगर इस सदी की शुरुआत से तुलना करें तो वर्ल्ड कप की प्राइज मनी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलता है। 2002 में विजेता टीम को करीब 70 करोड़ रुपए मिलते थे, जो 2006 में 150 करोड़, 2010 में 250 करोड़, 2014 में 290 करोड़, 2018 में 315 करोड़ और 2022 में 350 करोड़ तक पहुंच गए। अब 2026 में विजेता को करीब 420 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। यह दिखाता है कि पिछले 20-25 साल में प्राइज मनी 500% तक बढ़ चुकी है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण टूर्नामेंट की बढ़ती लोकप्रियता, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप से होने वाली भारी कमाई है। 2026 का वर्ल्ड कप 48 टीमों और 104 मैचों के साथ अब तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा। इसकी मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर करेंगे। अगर फीफा की दूसरे खेलों से तुलना करें तो फुटबॉल का दबदबा साफ नजर आता है। गोल्फ व टेनिस दोनों की कुल प्राइज मनी मिलाकर भी वर्ल्ड कप से कम है। टूर्नामेंट में खेलने वाली टीमों को टैक्स में राहत टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 48 टीमों को अमेरिका में टैक्स से र? फीफा वर्ल्ड कप के लिए कुल प्राइज मनी 727 मिलियन डॉलर (करीब 6800 करोड़ रुपए) से बढ़ाकर 871 मिलियन डॉलर (8250 करोड़ रुपए) कर दी गई है। यही नहीं, हर टीम को मिलने वाली गारंटीड रकम भी बढ़ाकर 12.5 मिलियन डॉलर (करीब 118 करोड़) कर दी गई है। 2022 में प्राइज पूल 440 मिलियन डॉलर (करीब 3600 करोड़) था, यानी इस बार यह लगभग दोगुना हो गया है। अगर इस सदी की शुरुआत से तुलना करें तो वर्ल्ड कप की प्राइज मनी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलता है। 2002 में विजेता टीम को करीब 70 करोड़ रुपए मिलते थे, जो 2006 में 150 करोड़, 2010 में 250 करोड़, 2014 में 290 करोड़, 2018 में 315 करोड़ और 2022 में 350 करोड़ तक पहुंच गए। अब 2026 में विजेता को करीब 420 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। यह दिखाता है कि पिछले 20-25 साल में प्राइज मनी 500% तक बढ़ चुकी है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण टूर्नामेंट की बढ़ती लोकप्रियता, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप से होने वाली भारी कमाई है। 2026 का वर्ल्ड कप 48 टीमों और 104 मैचों के साथ अब तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा। इसकी मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर करेंगे। अगर फीफा की दूसरे खेलों से तुलना करें तो फुटबॉल का दबदबा साफ नजर आता है। गोल्फ व टेनिस दोनों की कुल प्राइज मनी मिलाकर भी वर्ल्ड कप से कम है। टूर्नामेंट में खेलने वाली टीमों को टैक्स में राहत टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 48 टीमों को अमेरिका में टैक्स से र?
दोगुना हुआ फीफा का प्राइज मनी पूल: गोल्फ-टेनिस की प्राइज मनी मिलकर भी फुटबॉल से कम, हर टीम को करीब 118 करोड़ मिलना तय
By worldprime
On: अप्रैल 30, 2026 11:12 पूर्वाह्न
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