रायपुर/सक्ति : छत्तीसगढ़ के सक्ति में सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए बॉयलर विस्फोट में मरने वालों की संख्या को लेकर गहमा-गहमी तेज़ है| मौका-ए-वारदात से 13 मृतकों के शव बरामद कर लिए गए है| लेकिन,अभी भी कई पीड़ित परिवार अपनों की ख़ोजबीन में आंसू बहा रहे है| बॉयलर ब्लास्ट के बाद कई ऐसे श्रमिक है,जो लापता बताए जाते है| जानकारी के मुताबिक,विस्फोट के बाद का मंजर काफी ख़ौफ़नाक था,धमाके की गूंज कई किलोमीटर तक सुनाई दी थी| वेदांता पावर प्लांट में बायलर फटने की घटना को क्या टाला जा सकता था ? ये हादसा है या इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी एंड सेफ्टी में भारी चूक और लापरवाही ? इसे लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है| प्रशासनिक तौर पर 13 मौतों की पुष्टि की जा चुकी है,जबकि 30 से ज्यादा कर्मियों के झुलसने और इनमे से कई के गंभीर होने की जानकारी सामने आई है| दरअसल,इस घटना की अब एक नई और डरावनी मानवीय त्रासदी सामने आ रही है। कई पीड़ित परिवार आरोप लगा रहे है,कि घटना के 20 घंटे बाद भी उनके अपनों का कोई अता-पता नहीं चल पाया है| वे अभी भी लापता है ? उनके मुताबिक,मृतकों और घायलों की सूची में भी ऐसे कर्मियों का नाम नदारद है| जबकि वे रोजाना की तरह मंगलवार को भी अपनी ड्यूटी पर उपस्थित थे| लापता कर्मियों की खोजबीन में जुटे ऐसे दर्जनों पीड़ित परिवार फैक्ट्री परिसर,गेट ?
पावर प्लांट ब्लास्ट “हादसा” या “लापरवाही”? कई श्रमिक अभी भी लापता ? छत्तीसगढ़ में इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी एंड सेफ्टी सिर्फ कागज़ों में…
By worldprime
On: अप्रैल 15, 2026 12:26 अपराह्न
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