क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म:अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच सरकार का फैसला; प्लास्टिक, टेक्सटाइल और ऑटो सेक्टर को फायदा

On: अप्रैल 2, 2026 10:58 पूर्वाह्न
Follow Us:
---Advertisement---

केंद्र सरकार ने बुधवार यानी 1 अप्रैल को चुनिंदा क्रिटिकल पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर लगने वाली बेसिक कस्टम्स ड्यूटी को पूरी तरह से माफ कर दिया है। यह छूट 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के बीच में जारी तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसका उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को कच्चे माल की सप्लाई लगातर मिलना और बढ़ती लागत को कम करना है। इंडस्ट्री को सप्लाई चेन की दिक्कतों से बचाना लक्ष्य सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है। इससे पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स की कीमतों में भारी उछाल आया है और सप्लाई चेन में दिक्कत आई है। इस फैसले से घरेलू उद्योगों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिलेगी। प्लास्टिक से लेकर दवाओं तक, इन सेक्टर्स को होगा फायदा इन प्रमुख प्रोडक्ट्स पर अब नहीं लगेगी ड्यूटी सरकार ने छूट वाली लिस्ट में कई महत्वपूर्ण रसायनों और कच्चे माल को शामिल किया है। इनमें शामिल हैं: पॉलीमर और इंजीनियरिंग प्लास्टिक भी हुए सस्ते आम तौर पर पैकेजिंग और ऑटो सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले पॉलिमर कैटेगरी को भी इस छूट के दायरे में रखा गया है। इसमें पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीस्टाइनिन, पीवीसी (PVC) और पीईटी (PET) चिप्स शामिल हैं। साथ ही एबीएस (ABS) और पॉलीकार्बोनेट जैसे इंजीनियरिंग प्लास्टिक पर भी इंपोर्ट ड्यूटी माफ कर दी है। जून 2026 तक मिलेगी राहत सरकार ने साफ किया है कि यह एक अस्थायी उपाय है जिसे मौजूदा ग्लोबल टेंशन्स को देखते हुए लिया गया है। इस छूट की डेडलाइन 30 जून 2026 तय की गई है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि वे जियो पॉलिटिकल हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। अगर जरूरत पड़ी तो भविष्य में सप्लाई चेन की स्थिति को देखते हुए और भी कदम उठाए जा सकते हैं। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है पेट्रोकेमिकल इंटरमीडिएट? आसान भाषा में समझें तो क्रूड ऑयल या नेचुरल गैस से जो बुनियादी रसायन निकलते हैं, उन्हें रिफाइन करके इंटरमीडिएट्स बनाए जाते हैं। ये सीधे इस्तेमाल नहीं होते, बल्कि इनसे आगे चलकर प्लास्टिक, फाइबर, पेंट और दवाएं बनाई जाती हैं। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से इंपोर्ट करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

red and white modern breaking news youtube thumbnail

CUET UG 2026 रिजल्ट जारी:15.6 लाख छात्रों ने दिया था एग्जाम, 22 स्टूडेंट्स के 100 परसेंटाइल

red and white modern breaking news youtube thumbnail

निरहुआ की एंट्री से बढ़ेंगी मुश्किलें:झोलाछाप डॉक्टर, बदलता गांव और सिस्टम की चुनौतियां, ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ को लेकर अमोल-आकांक्षा ने खोले राज

red and white modern breaking news youtube thumbnail

चांदी आज ₹10,566 सस्ती हुई, इस महीने ₹36,015 गिरी:सोना ₹2,522 गिरा, जून में ₹10,748 की गिरावट; जानें अपने शहर के दाम

red and white modern breaking news youtube thumbnail

चांदी आज ₹10,566 सस्ता हुआ, इस महीने ₹36,015 गिरी:सोना ₹2,522 गिरा, ऑल टाइम हाई से ₹31,333 गिरावट, जानें अपने शहर के दाम

red and white modern breaking news youtube thumbnail

धर्मेंद्र प्रधान बोले- कॉकरोच जनता पार्टी दहशतगर्तों की B टीम:CJP ने नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा था

red and white modern breaking news youtube thumbnail

पुणे में सोनम रघुवंशी जैसा केस:लड़की ने प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को 400 फीट गहरी खाई में फेंका; नवंबर में शादी थी

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });