दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पीठ ने केंद्र सरकार से विनेश फोगाट मामले में विशेषज्ञ पैनल बनाने को कहा। कोर्ट ने कहा- भारत में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी भी खेल संघ को बदले की भावना से काम नहीं करना सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया था कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों को नियमों में छूट दी जा सकती है। विनेश इसके खिलाफ हाईकोर्ट गई हैं। गोंडा में ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट था, व विनेश ने कहा- जानबूझकर यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा था। 27 अप्रैल को ही रजिस्ट्रेशन कराया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि विनेश फोगाट मामले में एक्सपर्ट पैनल बनाया जाए। कोर्ट ने कहा कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही विनेश को आगामी एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा- भारत में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी भी खेल संघ को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए। सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया था कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों को नियमों में छूट दी जा सकती है। WFI ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। विनेश इसके खिलाफ हाईकोर्ट गई हैं। गोंडा में ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट था, विनेश बोलीं- नोटिस जानबूझकर यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा था। विनेश गोंडा पहुंचीं और 3 मई को कहा- गोंडा में मैं कंपटीशन खेलने आई हूं। 27 अप्रैल को ही रजिस्ट्रेशन कराया था। WFI के अध्यक्ष दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि विनेश फोगाट मामले में एक्सपर्ट पैनल बनाया जाए। कोर्ट ने कहा कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही विनेश को आगामी एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा- भारत में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी भी खेल संघ को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए। सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया था कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों को नियमों में छूट दी जा सकती है। WFI ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। विनेश इसके खिलाफ हाईकोर्ट गई हैं। गोंडा में ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट था, विनेश बोलीं- नोटिस जानबूझकर यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा था। विनेश गोंडा पहुंचीं और 3 मई को कहा- गोंडा में मैं कंपटीशन खेलने आई हूं। 27 अप्रैल को ही रजिस्ट्रेशन कराया था। WFI के अध्यक्ष
रेसलर विनेश मामले में डब्ल्यूएफआई को हाईकोर्ट की फटकार: खेल संघ को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए, केंद्र ने एक्सपर्ट पैनल बनाए
By worldprime
On: मई 22, 2026 1:42 अपराह्न
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