रायपुर : रायपुर में 800 करोड़ के नजूल भूमि घोटाले के सामने आने के बाद राज्य के पूर्व चीफ सेक्रेटरी विवेक ढांड के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करने के मामले में राज्य की बीजेपी सरकार की सांसे फूली हुई है| दरअसल,बीजेपी ने विधानसभा चुनाव 2023 में बड़े-बड़े विज्ञापन जारी कर तो,कभी नेताओं ने सार्वजानिक बयान जारी कर दागी पूर्व चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का संदेशा दिया था,सत्ता पर काबिज़ हुए दो वर्ष बीत गए लेकिन ढांड के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई| जबकि,सरकारी नज़ूल जमीन कौड़ियों के दाम हड़पने और खुद के बचाव के लिए सत्ता और सरकार के गलियारों में ढांड ने अब अपने पैर पसार लिए है| प्रदेश में सरकारी जमीन की गैर कानूनी ख़रीद-फ़रोख़्त पर लगाम लगाने की ज़िम्मेदारी राज्य की बीजेपी सरकार की प्राथमिकता सूची में है,बावज़ूद इसके शासन-प्रशासन इस मामले में मौन साधे हुए है,वो अपने वैधानिक दायित्वों से आखिर क्यों पल्ला झाड़ रहा है ? चर्चा का विषय बना हुआ है| भूमाफियों पर शिकंजा कसने के बजाए राज्य सरकार की बेरुख़ी सामने आने के बाद जागरूक शिकायतकर्ता नारायण शर्मा ने “राजस्व मंडल” का दरवाज़ा खटखटाया था| इस बेशकीमती जमीन पर निर्माण और सौंदेबाजी पर रोक एवं “यथास्थिति” बनाए रखने के आदेश “छत्तीसगढ़ रेवेन्यू बोर्ड” ने जारी किए थे| लेकिन अब ख़बर सामने आ रही है,कि इस आदेश को वा?
800 करोड़ के नजूल “भूमि घोटाले” में पूर्व चीफ सेक्रेटरी विवेक ढांड को बचाने की कवायतें जोरो पर,सुर्ख़ियों में बीजेपी सरकार की मेहरबानियां ! “छत्तीसगढ़ हाउस” से फ़ोन…
By worldprime
On: फ़रवरी 12, 2026 3:17 अपराह्न
---Advertisement---