Raigarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लॉक स्थित कोड़सिया के प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं से रंगाई-पुताई और सफाई कराने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं हॉस्टल वार्डन ने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी में प्यून ने बच्चों से काम कराया है।. मामले की सच्चाई जानने के लिए जिला प्रशासन ने 3 सदस्यीय जांच समिति बनाई है। कलेक्टर कार्यालय (आदिवासी विकास शाखा) के आदेश के मुताबिक समिति में धर्मेन्द्र सिंह बैस, धनेश्वरी सिदार और उमेश पटेल को शामिल किया गया है। यह समिति 28 फरवरी 2026 को छात्रावास पहुंचकर मौके पर जांच करेगी और अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।. जानिए पूरा मामला. जानकारी के मुताबिक, आदिवासी कन्या छात्रावास लगभग 40-45 छात्राएं रहती हैं, जो 6वीं से 10वीं तक की स्टूडेंट हैं। ये लड़कियां आसपास के गांवों की हैं। बताया जा रहा है कि हर साल छात्रावास के रख-रखाव के लिए 25 हजार रुपए आते हैं। इस बार छात्रावास की रंगाई-पुताई का काम किया जा रहा था।. इसी बीच एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें हॉस्टल की लड़कियां रंगाई-पुताई करते दिख रही हैं। कुछ लड़कियां बाल्टी में रंग घोल रही हैं, जबकि कुछ ऊपर चढ़कर कमरे की दीवारों की पुताई कर रही हैं। वीडियो में इस दौरान कोई छात्रावास का अधिकारी या कर्मचारी दिखाई नहीं दे रहा है।. छज्जे पर चढ़कर सफाई कर रही. वीडियो के साथ-साथ छात्राओं की फोटो भी वायरल हो रही है। फोटो में वे छज्जे की सफाई करती नजर आ रही हैं। कई दिनों से सफाई न होने के कारण उसमें जमी गंदगी लड़कियां निकाल रही हैं। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब वहां मौजूद किसी लड़की ने रंगाई-पुताई करने का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।. प्यून ने बच्चों से कराया काम- हॉस्टल वार्डन.
Raigarh News: आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं से कराई सफाई और पेंटिंग, वार्डन बोलीं- प्यून ने करवाया
By worldprime
On: फ़रवरी 28, 2026 6:52 अपराह्न
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