Koriya Murder: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर हुए विवाद में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनके घर के सामने खड़ी फॉर्च्यूनर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। घटना के समय भाजपा नेता कार में मौजूद थे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना सोनहत थाना क्षेत्र की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।![]()
कार में सवार उनके भाई समेत तीन अन्य लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन आरोपियों ने उनकी भी जमकर पिटाई कर दी। हमले में सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। भाजपा नेता के भाई नागेंद्र सिंह समेत तीन अन्य घायलों का अंबिकापुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
क्या है पूरा मामला
सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत के अवैध खनन और तस्करी को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था।
देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह के घर को घेर लिया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के सामने डंपर वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया और कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में भरत सिंह, उनके भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह समेत एक अन्य व्यक्ति सवार थे।
भाई समेत 3 लोगों की पिटाई
कार में आग लगने के बाद भरत सिंह बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके भाई नागेंद्र सिंह, वीरू सिंह और एक अन्य व्यक्ति किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। आरोप है कि बाहर निकलते ही तीनों की बेरहमी से पिटाई की गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को एम्बुलेंस से अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां निजी अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
देर रात पहुंचे IG
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात ही कोरिया पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है।
भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह क्षेत्र के प्रभावशाली भाजपा नेताओं में गिने जाते थे। सोनहत क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती थी। वे पहले रामचंद्र सिंहदेव के करीबी रहे थे, लेकिन बाद में मतभेद होने पर भाजपा में शामिल हो गए थे।
पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
2 दिन पहले भी हुआ था विवाद
रेत घाट को लेकर दोनों पक्षों के बीच दो दिन पहले भी विवाद हुआ था। विवाद के बाद मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी ने उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और मयंक सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इनमें लल्ला सिंह और उनके भाई के बेटे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि रेत तस्करी के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था। बुधवार को विवाद फिर भड़क गया, जिसके बाद यह हिंसक वारदात सामने आई। मनोज त्रिपाठी को भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी नेता माना जाता है। पुलिस विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।



