Raipur News: महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान से गिरफ्तार किए जाने की बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। सौरभ चंद्राकर पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात में रह रहा था।![]()
इंटरपोल के रेड नोटिस पर हुई कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय एजेंसियों की ओर से जारी इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने सौरभ चंद्राकर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने उसे वापस लाने के लिए औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल उसे ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
भारत लाने में आ सकती हैं कानूनी अड़चनें
रिपोर्ट्स के अनुसार सौरभ चंद्राकर संयुक्त अरब अमीरात छोड़कर ओमान पहुंच गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर उसने प्रत्यर्पण प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की हो सकती है। ओमान के कानून के तहत फर्जी पासपोर्ट का उपयोग गंभीर अपराध माना जाता है, जिसमें तीन से पांच साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
2024 में भी हुई थी कार्रवाई
साल 2024 में भी इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात में सौरभ चंद्राकर को हिरासत में लिया गया था। उस समय भारत ने प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा था, लेकिन उसे भारत नहीं लाया जा सका और बाद में उसे रिहा कर दिया गया था।
अब तक 4336 करोड़ की संपत्तियां अटैच
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में अब तक 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। रायपुर की विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम अदालत में पांच अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की जा चुकी हैं। एजेंसी के अनुसार अब तक इस मामले में 4336 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।

