CG आबकारी नीति 2026-53 : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब शराब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक की बोतलों में बेची जाएगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू किया जाएगा। (प्लास्टिक बोतल में शराब). नई आबकारी नीति के अनुसार, राज्य में शराब बनाने वाली सभी कंपनियों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग प्लास्टिक की बोतलों में करनी होगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य सरकारी शराब दुकानों में कांच की बोतलों के टूटने से होने वाले नुकसान और सुरक्षा जोखिमों को कम करना है। हर साल कांच की बोतलों के टूटने से वित्तीय हानि के साथ-साथ कर्मचारियों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।. आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्लास्टिक बोतलों के इस्तेमाल से शराब के भंडारण और परिवहन में सुविधा होगी। इससे वितरण व्यवस्था अधिक सरल और लचीली बनेगी तथा लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने की संभावना है। सप्लाई चेन को भी अधिक सुचारू बनाने में यह फैसला सहायक माना जा रहा है।. हालांकि, इस निर्णय को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं भी सामने आ रही हैं। प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से प्रदूषण और कचरा प्रबंधन की समस्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस पर सरकार का कहना है कि भविष्य में पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक प्रबंध और नियामक व्यवस्था की जाएगी।. आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि कैबिनेट बैठक में आबकारी विभाग के प्रस्ताव को अनुमोदन दिया गया है। सालभर के लिए आबकारी नियमों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में नई शराब दुकानें खोलने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।. प्लास्टिक बोतल में शराब के फायदे और नुकसान (Liquor In Plastic Bottle). प्लास्टिक बोतल में शराब बेचने के फायदे (Plastic Bottle Sharab). 1. टूट-फूट से बचाव.
CG आबकारी नीति 2026-27: अब प्लास्टिक बोतल में मिलेगी शराब – जानिए इसके प्रमुख फायदे और नुकसान
By worldprime
On: जनवरी 22, 2026 1:04 अपराह्न
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