प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सेवा तीर्थ में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के लोगों के जीवन पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करने और मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय के लिए पीएम गतिशक्ति (PM GatiShakti) प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर जोर दिया। बैठक में दो प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। पहला, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के लिए विनियमन में सुधार और अन्य सुधार’, जबकि दूसरा विषय ‘आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना’ था। बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों ने इन दोनों विषयों के अनुरूप उठाए जा रहे प्रमुख कदमों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के विजन को जमीनी स्तर पर लागू करने के प्रयासों, विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों और शासन एवं सेवा वितरण को बेहतर बनाने की भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की। विभागीय सीमाओं से बाहर निकलकर काम करना चाहिए: पीएम पीएम ने कहा- सभी विभागों को ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ दृष्टिकोण अपनाते हुए विभागीय सीमाओं (साइलो) से बाहर निकलकर काम करना चाहिए। मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वित योजना से सरकारी कामकाज अधिक प्रभावी होगा। पीएम ने गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर भी बल दिया और कहा कि यह विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा बेहतर और तथ्य आधारित निर्णय लेने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। बैठक में प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी योजनाओं की सफलता का आकलन केवल उनके क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव से किया जाना चाहिए। सरकारी कार्यों, जन-केंद्रित मामलों में ढिलाई न हो: पीएम पीएम ने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बैठक में उन्होंने सचिवों को गवर्नेंस और इंप्लीमेंटेशन पर ध्यान केंद्रित रखने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि सरकारी कार्यों, खास तौर पर जन-केंद्रित पहलों में कोई ढिलाई या देरी न हो। पीएम मोदी ने इससे पहले अगले 10 वर्षों के लिए सुधार प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की ‘सुधार एक्सप्रेस’ व्यवस्थागत बदलाव लेकर आई है और नागरिकों को महत्वपूर्ण रूप से लाभ पहुंचाया है। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने संरचनात्मक सुधारों पर अपडेट दिया। यह समीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र सरकार ने हाल ही में रेलवे सहित कई मंत्रालयों में ’52 सप्ताह में 52 सुधार’ जैसी महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है, जिसमें इन्हें लागू करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है। ————— ये खबर भी पढ़ें… मोदी की मंत्रिपरिषद के साथ बैठक साढ़े 4 घंटे चली:कहा- मंत्री तेजी से फैसले लें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार रात को दिल्ली के सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में सरकार के कामकाज, मंत्रालयों के प्रदर्शन और आगे की योजनाओं पर चर्चा की गई। पीएम ने कहा- ‘विकसित भारत 2047’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का लक्ष्य और वादा है। पूरी खबर पढ़ें…
PM मोदी ने सचिवों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक:ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, आत्मनिर्भर भारत और PM गतिशक्ति पर दिया जोर
By worldprime
On: जून 30, 2026 10:12 अपराह्न
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