गोल्फ की दुनिया में एक खामोश लेकिन बड़ा बदलाव आ रहा है। एक प्रमुख खेल टेक्नोलॉजी कंपनी के अनुसार, साल 2028 के अंत तक ब्रिटेन में आउटडोर (मैदान पर) गोल्फ से ज्यादा इंडोर (वर्चुअल) गोल्फ के राउंड खेले जाएंगे। अगले दो वर्षों में दुनिया भर में खेले जाने वाले कुल गोल्फ राउंड्स का 80% हिस्सा वर्चुअल होगा। यह बदलाव अचानक नहीं आया है। गोल्फ के दीवाने देश दक्षिण कोरिया में यह टर्निंग पॉइंट एक दशक पहले ही आ चुका था, जहां ‘स्क्रीन गोल्फ’ ने ‘फील्ड गोल्फ’ को पछाड़ दिया है। वहां 87% गोल्फर वर्चुअल गोल्फ पसंद करते हैं। दिग्गज पेशेवर खिलाड़ी भी इससे अछूते नहीं हैं। टाइगर वुड्स और रोरी मैक्लरॉय का टीजीएल वेंचर 64×53 फीट की विशाल स्क्रीन पर इंडोर गोल्फ को नए स्तर पर ले जा रहा है। वहीं, गेविन मैकफर्सन जैसे खिलाड़ी सिमुलेटर टूर्नामेंट जीतकर ऑस्ट्रेलिया के असली ‘एनएसडब्ल्यू ओपन’ के लिए क्वालिफाई कर रहे हैं। इंडोर गोल्फ की शुरुआत 40 साल पहले जापान से हुई थी। इंडोर गोल्फ की बढ़ती लोकप्रियता का बड़ा कारण मौसम भी है। ब्रिटेन और दुनिया के कई हिस्सों में खराब मौसम गोल्फरों को महीनों तक मैदान से दूर रखता है। ‘पिच गोल्फ’ के सह-संस्थापक क्रिस इंघम कहते हैं कि ब्रिटेन में साल के सिर्फ 5 महीने ही गोल्फ के लिए अच्छे होते हैं, बाकी समय सिमुलेटर ही काम आते हैं। आंकड़ों के अनुसार, अ? गोल्फ की दुनिया में एक खामोश लेकिन बड़ा बदलाव आ रहा है। एक प्रमुख खेल टेक्नोलॉजी कंपनी के अनुसार, साल 2028 के अंत तक ब्रिटेन में आउटडोर (मैदान पर) गोल्फ से ज्यादा इंडोर (वर्चुअल) गोल्फ के राउंड खेले जाएंगे। अगले दो वर्षों में दुनिया भर में खेले जाने वाले कुल गोल्फ राउंड्स का 80% हिस्सा वर्चुअल होगा। यह बदलाव अचानक नहीं आया है। गोल्फ के दीवाने देश दक्षिण कोरिया में यह टर्निंग पॉइंट एक दशक पहले ही आ चुका था, जहां ‘स्क्रीन गोल्फ’ ने ‘फील्ड गोल्फ’ को पछाड़ दिया है। वहां 87% गोल्फर वर्चुअल गोल्फ पसंद करते हैं। दिग्गज पेशेवर खिलाड़ी भी इससे अछूते नहीं हैं। टाइगर वुड्स और रोरी मैक्लरॉय का टीजीएल वेंचर 64×53 फीट की विशाल स्क्रीन पर इंडोर गोल्फ को नए स्तर पर ले जा रहा है। वहीं, गेविन मैकफर्सन जैसे खिलाड़ी सिमुलेटर टूर्नामेंट जीतकर ऑस्ट्रेलिया के असली ‘एनएसडब्ल्यू ओपन’ के लिए क्वालिफाई कर रहे हैं। इंडोर गोल्फ की शुरुआत 40 साल पहले जापान से हुई थी। इंडोर गोल्फ की बढ़ती लोकप्रियता का बड़ा कारण मौसम भी है। ब्रिटेन और दुनिया के कई हिस्सों में खराब मौसम गोल्फरों को महीनों तक मैदान से दूर रखता है। ‘पिच गोल्फ’ के सह-संस्थापक क्रिस इंघम कहते हैं कि ब्रिटेन में साल के सिर्फ 5 महीने ही गोल्फ के लिए अच्छे होते हैं, बाकी समय सिमुलेटर ही काम आते हैं। आंकड़ों के अनुसार, अ? गोल्फ की दुनिया में एक खामोश लेकिन बड़ा बदलाव आ रहा है। एक प्रमुख खेल टेक्नोलॉजी कंपनी के अनुसार, साल 2028 के अंत तक ब्रिटेन में आउटडोर (मैदान पर) गोल्फ से ज्यादा इंडोर (वर्चुअल) गोल्फ के राउंड खेले जाएंगे। अगले दो वर्षों में दुनिया भर में खेले जाने वाले कुल गोल्फ राउंड्स का 80% हिस्सा वर्चुअल होगा। यह बदलाव अचानक नहीं आया है। गोल्फ के दीवाने देश दक्षिण कोरिया में यह टर्निंग पॉइंट एक दशक पहले ही आ चुका था, जहां ‘स्क्रीन गोल्फ’ ने ‘फील्ड गोल्फ’ को पछाड़ दिया है। वहां 87% गोल्फर वर्चुअल गोल्फ पसंद करते हैं। दिग्गज पेशेवर खिलाड़ी भी इससे अछूते नहीं हैं। टाइगर वुड्स और रोरी मैक्लरॉय का टीजीएल वेंचर 64×53 फीट की विशाल स्क्रीन पर इंडोर गोल्फ को नए स्तर पर ले जा रहा है। वहीं, गेविन मैकफर्सन जैसे खिलाड़ी सिमुलेटर टूर्नामेंट जीतकर ऑस्ट्रेलिया के असली ‘एनएसडब्ल्यू ओपन’ के लिए क्वालिफाई कर रहे हैं। इंडोर गोल्फ की शुरुआत 40 साल पहले जापान से हुई थी। इंडोर गोल्फ की बढ़ती लोकप्रियता का बड़ा कारण मौसम भी है। ब्रिटेन और दुनिया के कई हिस्सों में खराब मौसम गोल्फरों को महीनों तक मैदान से दूर रखता है। ‘पिच गोल्फ’ के सह-संस्थापक क्रिस इंघम कहते हैं कि ब्रिटेन में साल के सिर्फ 5 महीने ही गोल्फ के लिए अच्छे होते हैं, बाकी समय सिमुलेटर ही काम आते हैं। आंकड़ों के अनुसार, अ?
गोल्फ में टेक क्रांति; 2028 तक 80% हो जाएगा वर्चुअल:अमेरिका में बढ़ रहे ऑफ कोर्स खिलाड़ी, मैदान से ज्यादा स्क्रीन पर खेल रहे शॉट
By worldprime
On: मार्च 25, 2026 12:32 अपराह्न
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