गर्मी में तापमान बढ़ने पर अधिकतर लोग थकान, चिड़चिड़ापन या कम नींद जैसी समस्याएं महसूस करते हैं। कई बार काम में फोकस कम हो जाता है, बात-बात पर गुस्सा आ जाता है। गर्मी की लहर या लगातार उच्च तापमान से तनाव के स्तर, नींद की समस्या और मूड स्विंग्स से जुड़े मामले बढ़ सकते हैं। जर्नल ऑफ़ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, गर्मियों में मानसिक स्वास्थ्य विभाग के मामले 8% तक बढ़ जाते हैं। शोर, खराब नींद पैटर्न और दैनिक दिनचर्या में बदलाव मिलकर ‘मेंटल बैलेंस’ को प्रभावित करते हैं। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम जानेंगे कि गर्मी मस्तिष्क को कैसे प्रभावित करती है और यह भी जानते हैं कि – विशेषज्ञ: डॉ नीलशा भेरवानी, सीनियर कंसल्टेंट, क्लिनिकल साइकोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली प्रश्न- गर्मियों में तापमान बढ़ने पर हमारे मूड और ब्रेन फंक्शन पर क्या प्रभाव पड़ता है? उत्तर: गर्मियों में अधिक तापमान होने पर शरीर को ठंडा रखने के लिए अधिक ऊर्जा खर्च होती है, जिससे थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं क्या हो सकती हैं? उत्तर: गर्मी मस्तिष्क और भावनाओं को भी प्रभावित करती है। इससे डिहाइड्रेशन, नींद की कमी और हार्मोनल परिवर्तन जैसी समस्याएं होती हैं?
जरूरी खबर – तापमान बढ़ने से बढ़ता गुस्सा, चिड़चिड़ापन: समझें गर्मी का असर दिमाग और इमोशन पर, जानें दिमाग को कैसे रखें शांत
By worldprime
On: मई 21, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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