बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल पर एक ओर जहाँ ED और CBI का शिकंजा कसने लगा है| वही अदालती फैसलों से उनकी विधायकी भी खतरे में नजर आने लगी है| छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट बिलासपुर ने पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुना दिया है| हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमे उन्होंने उनके विधानसभा चुनाव को रद्द करने के लिए दायर एक याचिका को निरस्त करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री की दलीलों को ख़ारिज करते हुए यह भी साफ़ कर दिया है,कि अब मेरिट के आधार पर मामले की सुनवाई होगी।
जानकारी के मुताबिक, दुर्ग सांसद विजय बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री की विधायकी निरस्त करने की मांग को लेकर वर्ष 2024 में याचिका दायर की थी | इसमें आरोप लगाया गया है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान वोटिंग से ठीक पहले प्रचार बंद होने की अवधि में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने अपने समर्थकों के साथ पाटन क्षेत्र में रैली और रोड शो किया था।उन्होंने इस दौरान चुनावी नारे लगवाए और वोट मांगकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का सीधा उल्लंघन किया था | याचिकाकर्ता ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का वीडियो भी बनाया था। याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की