दुनिया के मुकाबले भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी (डिजिटल फ्रॉड) का खतरा बहुत ज्यादा है। ट्रांसयूनियन की टॉप फ्रॉड ट्रेंड्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में देशभर में ग्राहकों से जुड़े 7.1% ऑनलाइन लेनदेन (डिजिटल ट्रांजैक्शन) संदिग्ध पाए गए, जो कि वैश्विक औसत (3.8%) से करीब दोगुना है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन फ्रॉड अब असली ग्राहकों के खातों (अकाउंट) को निशाना बनाकर किया जा रहा है। दुनिया भर के ट्रेंड से अलग, भारत में ऑनलाइन फ्रॉड का सबसे ज्यादा खतरा अकाउंट लॉगिन करते समय (3.9%) देखा गया। इसके बाद नया अकाउंट बनाते समय (3.1%) और पैसों का लेनदेन (फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन) करते समय (1.2%) सबसे अधिक जोखिम पाया गया। टेलीकॉम सेक्टर में सबसे तेज 3.08% उछाल
सेक्टर फ्रॉड % बदलाव
रिटेल 2.50% – 99%
ट्रैवल, टूरिज्म 0.50% – 68%
फाइनेंशियल 2.60% – 65%
गेमिंग 9.60% – 36%
कम्युनिटी 4.70% – 21%
लॉजिस्टिक्स 16.30% 0.31%
इंश्योरेंस 11.50% 1.45%
टेलीकॉम 14.70% 3.08% भारत में व्यवसायों को अब तेज़ और अधिक अनुकूलनीय हमले के तरीकों का सामना करना पड़ रहा है जो पारंपरिक पहचान प्रणालियों के लिए चुनौती पेश करते हैं। धोखाधड़ी करने वाले अब केवल फर्जी खाते बनाने पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे मौजूदा उपयोगकर्ताओं और खातों को भी तेजी से निशाना बना रहे हैं। इस बदलाव ने खाता सुरक्षा को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है, क्योंकि बैंकिंग, दूरसंचार, लॉज
लॉजिस्टिक्स में सबसे ज्यादा 16.3% फ्रॉड:देश में डिजिटल फ्रॉड का खतरा दुनिया से दोगुना- ट्रांसयूनियन
By worldprime
On: जून 17, 2026 1:49 अपराह्न
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