पश्चिम बंगाल में पूर्वी बर्दवान के कलना नंबर 2 ब्लॉक स्थित बैद्यपुर विद्यापीठ पिछले 50 सालों से को-एड (गर्ल्स और बॉयज) स्कूल के तौर पर संचालित हो रहा है, लेकिन बीते दिनों जब 11वीं में पढ़ने वाली गर्ल्स स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन के लिए एजुकेशन पोर्टल पर आवेदन किया तो पता चला कि बैद्यपुर विद्यापीठ बॉयज स्कूल में बदल दिया गया है। बदलाव की जानकारी प्रशासन को भी नहीं इस बदलाव की जानकारी खुद स्कूल प्रशासन को भी नहीं है। स्कूल के इस स्टेट्स में हुए बदलाव के चलते 120 गर्ल्स स्टूडेंट्स का एडमिशन रद्द कर दिया गया है। यहां कक्षा 5 वीं से 12 वी तक की पढ़ाई होती है। स्कूल में लगभग 1,700 से अधिक स्टूडेंट और 3 टीचर हैं। इस विद्यापीठ की स्थापना 1976 में हुई थी। तब से स्कूल में 11वीं और 12वीं क्लास की गर्ल्स स्टूडेंट्स एडमिशन लेती रही हैं। बैद्यपुर विद्यापीठ को शिक्षा विभाग ने अचानक से बिना किसी सूचना के बॉयज स्कूल घोषित कर दिया है। हालांकि पिछले 50 सालों से इस स्कूल में गर्ल्स और बॉयज स्टूडेंट्स एक साथ पढ़ सकते थे। 🛑 এ যেন আলাদিনের আশ্চর্য ঘটনা ,,, পূর্ব বর্ধমানের কালনা ২ নং ব্লকের একটি স্কুল বিগত ৫০ বছর ধরে কো এড স্কুল ছিল,, পরিবর্তনের সরকার আসার পরেই বয়েজ স্কুলে পরিণত হল এখন শতাধিক ছাত্রীর মাথায় হাত 🙋 শিক্ষা প্রতিষ্ঠানের এই রকম পরিবর্তন কেউ চাই নি । pic.twitter.com/Da2PHbapKZ— Rohit Dutta 🇮🇳 (
50 साल पुराना कोएड स्कूल बॉयज स्कूल निकला:प्रशासन ने बिना बताए किया बदलाव, 120 लड़कियों का एडमिशन कैंसिल हुआ
By worldprime
On: जुलाई 1, 2026 4:58 अपराह्न
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