राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का अपनी ही आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच टकराव चल रहा है। AAP ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाने के बाद पार्टी कोटे से बोलने का टाइम न देने तक के लिए कह दिया। अब उनके AAP छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि राघव चड्ढा अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, जो अपनी ही पार्टी के निशाने पर हों। AAP की स्थापना से लेकर अब तक 30 बड़े नेता पार्टी से किनारा कर चुके हैं। जिसमें सबसे ज्यादा 15 नेता पंजाब से हैं। पंजाब से पार्टी को अलविदा करने वाले नेताओं में सुच्चा सिंह छोटेपुर, एडवोकेट एचएस फूलका और गुरप्रीत घुग्गी जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। यही नहीं हाल ही में राज्य सभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए गए राघव चड्ढा भी पंजाब कोटे से ही हैं। आप ने पंजाब के सिटिंग सांसदों धर्मवीर गांधी व हरजीत सिंह खालसा को भी पार्टी से निष्काषित कर दिया था। धर्मवीर गांधी कांग्रेस में शामिल होकर दोबारा सांसद चुने गए। यही नहीं आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सिटिंग एमएलए को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया या विधायकों ने खुद पार्टी छोड़ दी। सुखपाल सिंह खैहरा पार्टी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे जब उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। वहीं एडवोकेट एचएस फूलका ने भी LOP रहते हुए पार्टी छोड़ दी थी। कुछ दिन पहले वह BJP में शामिल हो गए। 26 नवंबर 20183 को पार्टी के गठन से लेकर 2026 तक नेताओं को आम आदमी पार्टी से क्यों निकाला गया या फिर नेताओं ने पार्टी से दूरी क्यों बनाई, इसके बारे में जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… 1. शाजिया इल्मी पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख नेता, 2014 लोकसभा उम्मीदवार। कारण: शाजिया इल्मी ने मई 2014 में आंतरिक लोकतंत्र की कमी, कुछ लोगों द्वारा पार्टी चलाने और मूल मूल्यों से भटकना का आरोप पार्टी नेताओं पर लगाया। उसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी। 2. कैप्टन जी.आर. गोपीनाथ पद: संस्थापक सदस्य, प्रमुख राष्ट्रीय नेता। कारण: कैप्टन जीआर गोपीनाथ ने मई 2014 में आम आदमी पार्टी से किनारा कर दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं पर आरोप लगाया कि पार्टी की रणनीति और कोर लीडरशिप द्वारा अनदेखी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। 3. योगेंद्र यादव पद: संस्थापक सदस्य, पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (PAC) सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: योगेंद्र यादव को आम आदमी पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण 21 अप्रैल 2015 को पार्टी से निष्काषित कर दिया। योगेंद्र यादव ने अनुशासन भंग, केजरीवाल की तानाशाही और टिकट वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया। जिसकी वजह से उन्हें पार्टी से निकाला गया। 20193. प्रशांत भूषण पद: संस्थापक सदस्य, PAC सदस्य, वरिष्ठ वकील। कारण: प्रशांत भूषण को भी योगेंद्र यादव के साथ ही पार्टी से बाहर निकाला गया। प्रशांत भूषण ने भी तानाशाही और टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप पार्टी नेताओं पर लगाया था। अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें भी अप्रैल 2015 में बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। 5. आनंद कुमार पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, संस्थापक सदस्य। कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाने के आरोप में पार्टी ने योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण के साथ आनंद कुमार को भी बाहर का रास्ता दिखा। आनंद कुमार ने भी खुलकर AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की खिलाफत की थी। 6. अजीत झा पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: अप्रैल 2015 में इन्हें भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया। इन्होंने भी पार्टी में चल रही तानाशाही का विरोध किया था और कहा था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक रही है। 7.
राघव चड्ढा विवाद- इससे पहले 30 नेता AAP छोड़ चुके:सबसे ज्यादा 15 पंजाब के, इनमें सांसद-MLA भी; 3 का न इस्तीफा, न निकाला
By worldprime
On: अप्रैल 7, 2026 5:25 पूर्वाह्न
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