CG News: छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले ही आकाशीय बिजली लोगों की चिंता बढ़ा रही है। जून महीने में अब तक बिजली गिरने की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद बिजली गिरने से होने वाली जनहानि रोकने के लिए केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है।
केंद्रीय आपदा प्रबंधन विभाग ने सितंबर 2025 में छत्तीसगढ़ को पांच लाइटिंग कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने के लिए करीब 13 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। इन सेंटरों को बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, जांजगीर-चांपा और सूरजपुर जिलों में स्थापित किया जाना था, लेकिन राशि मिलने के नौ महीने बाद भी टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।![]()
क्या है लाइटिंग कमांड कंट्रोल सेंटर ?
लाइटिंग कमांड कंट्रोल सेंटर आधुनिक सेंसर और रिमोट सेंसिंग तकनीक से लैस होते हैं। बादलों के बीच विद्युत गतिविधि बढ़ने पर यह सिस्टम संभावित आकाशीय बिजली गिरने की आशंका का पता लगाता है। इसके आधार पर 30 से 40 मिनट पहले अलर्ट जारी किया जा सकता है।
इन सेंटरों की मदद से लगभग 40 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले लोगों को एसएमएस के माध्यम से चेतावनी भेजी जाती है। साथ ही सेंटर में लगे सायरन भी सक्रिय हो जाते हैं, जिससे ग्रामीण और स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।
केंद्र की योजना पर अब तक नहीं हुआ अमल
केंद्र सरकार की मंशा थी कि वर्ष 2026 के मानसून सीजन से पहले ये सेंटर शुरू हो जाएं, ताकि आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों में कमी लाई जा सके। हालांकि प्रदेश में अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई है।
जानकारों का मानना है कि यदि समय पर कार्य शुरू नहीं हुआ तो अन्य योजनाओं की तरह इस परियोजना की राशि भी लैप्स होने का खतरा बना रहेगा।
पहले चरण में शामिल हैं पांच जिले
देशभर के 200 जिलों को आकाशीय बिजली प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ के 13 जिले शामिल हैं। पहले चरण में देश के 50 जिलों में लाइटिंग कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाने हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, जांजगीर-चांपा और सूरजपुर शामिल हैं।
दूसरे चरण में बीजापुर, बलौदाबाजार, कोरबा, बिलासपुर, रायगढ़, कबीरधाम, कांकेर और राजनांदगांव को शामिल किया गया है।
विभाग ने कहा- प्रक्रिया जारी
राहत उपायुक्त अरविंद एक्का के अनुसार लाइटिंग कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में केंद्र सरकार से आवश्यक मार्गदर्शन मांगा गया है। मार्गदर्शन प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

