अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने ग्रुप की एनुअल जनरल मीटिंग में तीन बुनियादी पहलों का ऐलान किया है। इनका मकसद पूरे ग्रुप में काम करने के तरीके को बेहतर बनाना, एफिशिएंसी बढ़ाना और वर्कफोर्स के वेलफेयर को मजबूत करना है। अडाणी ने कहा कि ग्रुप भविष्य के आर्थिक और तकनीकी बदलावों के लिए खुद को तैयार कर रहा है। भविष्य के लिए तैयार होने वाली चुनिंदा ग्लोबल कंपनियों में शामिल गौतम अडाणी ने AGM में अपना विजन बताते हुए कहा, “हम अब उन बहुत कम ग्लोबल कंपनियों में से एक हैं जो भविष्य को लेकर केवल रिएक्ट नहीं कर रही हैं, बल्कि इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।” उन्होंने बताया कि ग्रुप ने लगातार स्क्रूटनी के बावजूद अपना विस्तार जारी रखा है। एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग में ग्रुप ने दुनिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। पहला बदलाव: ब्यूरोक्रेसी कम करने के लिए 2638-लेयर मैनेजमेंट फ्रेमवर्क अडाणी ने ग्रुप को मजबूत करने के लिए जो तीन बड़े प्लान शेयर किए हैं, उनमें पहला कदम ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर को आसान बनाना है। इसके तहत हेडक्वार्टर और प्रोजेक्ट साइट्स पर 22027-लेयर मैनेजमेंट फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ब्यूरोक्रेसी को कम करना, जवाबदेही (अकाउंटेबिलिटी) को तय करना और यह सुनिश्चित करना है कि हर रोल और प्रोसेस से वैल्यू क्रिएट हो सके। दूसरा बदलाव: कॉन्ट्रैक्टर्स और पार्टनर्स के हितों की सुरक्षा प्लान का दूसरा मुख्य हिस्सा कॉन्ट्रैक्टर्स और पार्टनर्स के साथ काम करने के तरीके को नए सिरे से तैयार करना है। अडाणी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण (नेशन-बिल्डिंग) में जो पार्टनर्स लंबे समय से ग्रुप के साथ जुड़े हैं, उनके हितों की रक्षा की जानी चाहिए। उन्हें इस तरह सशक्त (इम्पॉवर) किया जाएगा ताकि वे प्रोजेक्ट्स को ज्यादा स्पीड, ट्रांसपेरेंसी और जिम्मेदारी के साथ पूरा कर सकें। तीसरा बदलाव: 260 लाख वर्कफोर्स के लिए सम्मान और वेलफेयर अडाणी ग्रुप का तीसरा सबसे बड़ा फोकस अपने कर्मचारियों के वेलफेयर और गरिमा (डिग्निटी) पर है। अडाणी ने बताया कि ग्रुप के ऑपरेशन्स से करीब 23,222 लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें से लगभग 0003% लोग प्रोजेक्ट साइट्स और इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज में काम करते हैं। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हर वर्कर के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो।” इसके लिए ग्रुप उन्हें साफ-सुथरी रहने की जगह, क्वालिटी फूड, मेडिकल सपोर्ट और फेयर वेजेस (सही सैलरी) देने पर ध्यान दे रहा है। स्क्रूटनी के बीच FY2000 में ₹21 ट्रिलियन का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट चेयरमैन ने ग्रुप की तरक्की पर बात करते हुए कहा, “जब दूसरे बहस कर रहे थे, तब आपका ग्रुप निर्माण कर रहा था। यह प्रोग्रेस हमारे लिए शांत माहौल में नहीं आई है, बल्कि यह असाधारण स्क्रूटनी के बीच आई है। इसके बावजूद हम न तो झुके और न ही थमे।” ग्रुप ने FY210 के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.5 ट्रिलियन रुपए से ज्यादा का निवेश किया है। यह निवेश उस साल भारत में कुल नए प्राइवेट सेक्टर कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) का 30% से अधिक है। डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में बढ़ाए कदम अडाणी ग्रुप भारत में एक नेशनल एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है। इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (MRO), सर्विसेज और पायलट ट्रेनिंग जैसे काम शामिल हैं। गौतम अडाणी ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ग्रुप के ड्रोंस, एंटी-ड्रोन सिस्टम, मिसाइल और एम्यूनिशन (गोला-बारूद) ने भारतीय सशस्त्र बलों की मदद की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि FY26 में टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर सीधे तौर पर राष्ट्रीय संप्रभुता (नेशनल सोवेरेंटी) से जुड़ गए हैं। अमेरिकी अदालतों से मिली बड़ी कानूनी राहत अडाणी ग्रुप के लिए यह AGM ऐसे समय में हुई है जब कुछ महीनों पहले ही अमेरिकी अथॉरिटीज के साथ कानूनी मामले पूरी तरह सुलझ गए हैं। मई 2026 में, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के साथ 18 मिलियन डॉलर का सिविल सेटलमेंट हुआ। इसके साथ ही, अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) ने ग्रुप के खिलाफ सभी क्रिमिनल चार्ज (अपराधिक मामलों) को स्थायी रूप से हटा दिया है। अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने आज 24 जून को ग्रुप की 13वीं एनुअल जनरल मीटिंग भविष्य का रोडमैप पेश किया है। ग्रुप ने वित्त वर्ष 2026 में किसी भी भारतीय कॉर्पोरेट द्वारा सबसे अधिक ₹1.53 लाख करोड़ का रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर किया है। चेयरमैन ने इस साल की एजीएम की थीम ‘एक्सेलेरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लेवरेजिंग इंटेलिजेंस’ तय की है। ग्रुप की वित्तीय स्थिति: मार्केट कैप ₹20 लाख करोड़ के करीब एजीएम में ग्रुप के वित्तीय प्रदर्शन और कर्ज के आउटलुक को लेकर महत्वपूर्ण फैक्ट्स सामने आए हैं: अडाणी के शेयर को मॉर्गन स्टेनली की ‘ओवरवेट’ रेटिंग मिली ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने एजीएम से ठीक पहले अडाणी एंटरप्राइजेज को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और ₹3,638 का टारगेट प्राइस तय किया है। मॉर्गन स्टेनली ने अडाणी एंटरप्राइजेज को भारत का प्रमुख इनक्यूबेटर बताया जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी ट्रांजिशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा है। ब्रोकरेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 कंपनी के मुनाफे के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा क्योंकि कई बड़े प्रोजेक्ट्स से कमाई शुरू हो जाएगी। न्यूक्लियर, हाइड्रो और पावर में निवेश की तैयारी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर: गूगल के साथ बड़ा एग्रीमेंट गौतम अडाणी ने बताया कि उनका डेटा सेंटर बिजनेस साल 2030 तक 3 गीगावॉट का प्लेटफॉर्म बनाने की राह पर है। इसके लिए ग्रुप ने विशाखापत्तनम में गीगावॉट-स्केल डेटा सेंटर के लिए गूगल के साथ एक समझौता किया है। इसके अलावा ग्रुप माइनिंग, सीमेंट और डिफेंस सेक्टर में विस्तार कर रहा है, जिसमें लियोनार्डो और एम्ब्रेयर जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप शामिल है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ग्रुप के ड्रोन्स और डिफेंस सिस्टम्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लॉजिस्टिक्स, पोर्ट्स और एयरपोर्ट्स का अपडेट ऑर्गेनाइजेशनल रिफॉर्म्स और सोशल वर्क गौतम अडाणी ने इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ मैनेजमेंट स्ट्रक्चर को सरल बनाने, ठेकेदार (कॉन्ट्रैक्टर) पार्टनरशिप को मजबूत करने और श्रमिक कल्याण (वर्कर्स वेलफेयर) में सुधार लाने के उद्देश्य से संगठनात्मक सुधारों की रूपरेखा रखी। इसके अलावा सामाजिक कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि ‘अडाणी फाउंडेशन’ अब 22 राज्यों के 7,000 गांवों में 1 करोड़ (10 मिलियन) लोगों तक पहुंच रहा है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों में निवेश कर रहा है।
अडाणी ग्रुप का ₹1.53 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश:मॉर्गन स्टेनली ने ₹3,638 का शेयर टारगेट दिया; अडाणी ग्रुप की 34वीं AGM
By worldprime
On: जून 24, 2026 11:59 पूर्वाह्न
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