जून 2026 में 1.94 लाख करोड़ रुपए का GST कलेक्शन हुआ है। यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.42 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 20% कम है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि यानी जून 2025 से 173% ज्यादा है। जून 2025 में ₹1.71 लाख करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ था। सरकार ने आज यानी 1 जुलाई को GST कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। इंपोर्ट से होने वाली कमाई बढ़ी जून महीने में GST कलेक्शन की ग्रोथ मुख्य रूप से इंपोर्ट पर निर्भर रही। इंपोर्टेड गुड्स से होने वाला ग्रॉस GST रेवेन्यू सालाना आधार पर 35% बढ़कर 60,038 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, दूसरी तरफ घरेलू ट्रांजैक्शन से होने वाली ग्रॉस घरेलू कमाई में 6.5% की तेजी आई और यह 1.34 लाख करोड़ रुपए रही। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। GST रिफंड क्या है: जब कोई कंपनी अपनी देनदारी से ज्यादा टैक्स चुका देती है या एक्सपोर्ट करती है, तो सरकार उसे टैक्स वापस करती है, जिसे रिफंड कहते हैं। नेट vs ग्रॉस GST: ग्रॉस कुल इकट्ठा किया गया पैसा होता है, जबकि रिफंड घटाने के बाद बची राशि नेट रेवेन्यू कहलाती है। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है:
जून में ₹1.94 लाख करोड़ GST कलेक्शन:पिछले साल से 14% ज्यादा, अप्रैल में रिकॉर्ड ₹2.42 लाख करोड़ का कलेक्शन रहा था
By worldprime
On: जुलाई 1, 2026 1:47 अपराह्न
---Advertisement---