Raipur Rape: रायपुर के धरसीवा क्षेत्र में हुए नाबालिग से दुष्कर्म मामले की जांच में लापरवाही बरतना सिलयारी चौकी प्रभारी को महंगा पड़ गया। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने तत्काल प्रभाव से सिलयारी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया है। उनकी जगह धरसीवा थाना में पदस्थ उपनिरीक्षक सुशील वर्मा को सिलयारी चौकी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।![]()
मामला सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कराई। जांच में विवेचना के दौरान लापरवाही पाए जाने पर चौकी प्रभारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि चौकी सिलयारी, थाना धरसीवा के अपराध क्रमांक 207/2026 की विवेचना में गंभीर लापरवाही पाए जाने के कारण उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
अलग-अलग जगहों पर बुझाई हवस
धरसीवा थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान ने बताया कि यह सामूहिक दुष्कर्म का मामला नहीं है। जांच में सामने आया है कि दो अलग-अलग आरोपियों ने अलग-अलग जगहों पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस के अनुसार 17 अप्रैल को नाबालिग का परिचित ईश्वर धृतलहरे (36), निवासी देवगांव थाना खरोरा, उसे अपने घर ले गया, जहां उसने दुष्कर्म किया। इसके अगले दिन वह नाबालिग को बहोरी नाला पथरी क्षेत्र लेकर गया, जहां उसके परिचित तारकेश्वर मानिकपुरी ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। बाद में नाबालिग को उसके मामा के घर छोड़ दिया गया।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
18 अप्रैल को नाबालिग के परिजनों की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर दुष्कर्म, शादी का झांसा देने और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई तेज करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी कानूनी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

