‘चार दिन में सामने वाले को प्यार में उलझाओ।’ यह फिल्मी डायलॉग नहीं, बल्कि म्यांमार के साइबर स्कैम सेंटर्स में काम करने वालों को दिया जाने वाला आदेश है। डिजिटल दुनिया में भरोसे और भावनाओं को हथियार बनाकर चल रही साइबर महाठगी फैक्ट्री में नौकरी का झांसा देकर भारत समेत कई देशों से तस्करी कर लाए गए युवक-युवतियां शामिल हैं। म्यांमार के ऐसे ही एक स्कैम सेंटर से बचाए गए केरल निवासी सफीर मोहम्मद कूरीमन्निल भी हैं। वे घर लौट चुके हैं, लेकिन यादें अब भी उनका पीछा करती हैं। कूरीमन्निल बताते हैं कि म्यांमार के एक स्कैम कंपाउंड में उनसे जबरन ऑनलाइन ठगी कराई गई। वे 28 साल की सिंगापुर की युवती बनकर दर्जनों फर्जी प्रोफाइल चलाते थे। हर शिफ्ट में 100 से ज्यादा लोगों से चैट, चार दिन में भरोसा और प्यार जीतने का लक्ष्य। रिकॉर्ड बताते हैं कि सिर्फ एक महीने में उन्होंने 17 देशों के 50 हजार से ज्यादा लोगों को निशाना बनाया। एपी और फ्रंटलाइन की इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर ठगी का पूरा खेल अमेरिकी टेक्नोलॉजी और एआई के सहारे चलता है। चैटजीपीटी और जेमिनाई से बने सॉफ्टवेयर स्कैमर्स को 100 से ज्यादा भाषाओं में बातचीत, पीड़ितों की कमजोरी पहचानने में मदद करते हैं। कूरीमन्निल बताते हैं कि उनकी और उनकी तरह झांसे से यहां आए लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी। डर
एआई से ठगी; स्कैमर 100 भाषाओं में बना रहे शिकार:म्यांमार में 50 हजार ठगी का टारगेट, पूरा न होने पर करंट और युवतियों से दुष्कर्म
By worldprime
On: जुलाई 1, 2026 2:12 अपराह्न
---Advertisement---